School Tantra Mantra : स्कूल में कोयल की बलि, नींबू-सिंदूर रखकर किया जादू टोना, स्कूल के टीचर व विद्यार्थियों में दशहत

Saroj kanwar
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स्कूलों में विद्यार्थियों को अंधविश्वास से  दूर रहने की शिक्षा दी जाती है, लेकिन अगर स्कूल परिसर ही इसकी चपेट में आ जाए तो यह चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरसी स्थित सरकारी स्कूल में तंत्र-मंत्र करने का मामला प्रकाश में आया है। वहां बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य कक्ष के सामने बलि के बाद खून से सनी कोयल, नींबू, सिंदूर और रंगोली से कुछ अलग तरह की रेखाएं खींचकर तंत्र-मंत्र जैसे चिह्न उकेरे गए थे।’

इसे देखकर बच्चे दहशत में आ गए। बताया गया है कि अंधविश्वास से घिरे शिक्षकों ने इसे साफ कराने के बजाय बैगा को बुलवाया और पूजा करवाई। बैगा ने अगरबत्ती, कपूर जला और सिंदूर से टोटके की काट का दावा किया। टीचर्स ने बैगा को इसका भुगतान भी किया। बाद में पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इस पर पद्मनाभपुर पुलिस स्कूल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज खंगाल रही है।

फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है कि  इसके पीछे किसका हाथ था और उसका उद्देश्य क्या था? बाद में शिक्षकों ने पानी डालकर रंगोली जैसी आकृति को पानी से साफ कराया। इस घटनाक्रम के बाद कई बच्चों ने डर की वजह से स्कूल जाने से मना कर दिया। अभिभावक भी बच्च्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। शिक्षकों का कहना है कि यह शरारती तत्वों की हरकत है। हालांकि जब यह पूछा गया कि शिक्षकों ने बैगा को क्यों बुलाया तो उनके पास जवाब नहीं था।

घटना के पीछे शरारती तत्वों की हरकतः बीईओ

दुर्ग विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजेश्वरी चन्द्राकर ने कहा कि शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया है। स्कूल के शिक्षकों से इसकी जानकारी मिली। प्राचार्य कक्ष के बाहर यह काम किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों को डराने का है, ताकि वे स्कूल न आएं। यह अंधविश्वास फैलाने की कोशिश है, जिस पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सभी को समझा दिया गया है, ताकि पढ़ाई का वातावरण बना रहे।

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