Saving Account New Rule :आप सेविंग अकाउंट में मिलेंगे FD जितना ब्याज बस यह छोटा काम करें 7% ब्याज पाएं

Saroj kanwar
7 Min Read

Saving Account New Rule: आजकल के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसके सेविंग अकाउंट में रखे पैसों से उसे अधिक से अधिक ब्याज मिले। आमतौर पर सेविंग अकाउंट पर बैंक बहुत ही कम ब्याज दर प्रदान करते हैं, जिस कारण लोगों को अपनी जमा रकम पर कोई खास फायदा नहीं होता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब सेविंग अकाउंट में भी आपको फिक्स डिपॉजिट (FD) जितना ब्याज मिल सकता है?

अगर आप ज्यादा लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अपने सेविंग अकाउंट पर बैंक द्वारा दी जाने वाली एक खास सुविधा को एक्टिवेट करना होगा। इस सुविधा को एक्टिव करते ही आपके सेविंग खाते में पड़ी अतिरिक्त रकम को बैंक अपने आप FD में बदल देगा और आपको उसी अनुसार ब्याज मिलेगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह सुविधा क्या है और इसका लाभ कैसे उठाया जा सकता है।

सेविंग अकाउंट में ब्याज की सामान्य दर

जब कोई ग्राहक सेविंग अकाउंट खोलता है, तो उसे जमा रकम पर ब्याज तो मिलता है लेकिन यह ब्याज दर बहुत कम होती है। आमतौर पर यह दर 2% से 4% के बीच होती है। इस वजह से अगर रकम लंबे समय तक सेविंग अकाउंट में पड़ी रहती है, तो उससे ज्यादा फायदा नहीं मिल पाता और महंगाई दर को देखते हुए यह रकम वास्तविक रूप से घट जाती है।

लोग अक्सर सोचते हैं कि सेविंग अकाउंट में पड़े पैसों का लाभ क्यों नहीं मिलता, जबकि वही पैसा अगर एफडी में जमा किया जाए तो ब्याज दर कहीं ज्यादा मिलती है। इसी समस्या को हल करने के लिए अधिकांश बैंकों ने ग्राहकों को “ऑटो स्वीप” जैसी सुविधा देना शुरू कर दिया है। जिससे सेविंग अकाउंट में पड़ा पैसा भी अधिक रिटर्न कमा सकता है।

एफडी और सेविंग अकाउंट में अंतर

फिक्स डिपॉजिट यानी एफडी में ग्राहक अपनी राशि को एक निश्चित समय के लिए जमा करता है और इस पर उसे सामान्य सेविंग अकाउंट से कहीं ज्यादा ब्याज मिलता है। एफडी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ब्याज दर अधिक होती है, लेकिन इसमें पैसा समय से पहले निकालने पर पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं सेविंग अकाउंट की खूबी यह है कि ग्राहक जब चाहे पैसे निकाल सकता है, लेकिन ब्याज दर बहुत ही कम होती है। ऐसे में लोगों को या तो तरलता (Liquidity) का फायदा मिलता है या फिर ब्याज दर का। लेकिन अब एक ऐसी सुविधा मौजूद है जो इन दोनों का संतुलन बनाकर ग्राहकों को फायदा देती है।

ऑटो स्वीप सुविधा क्या है

बैंकों द्वारा दी जाने वाली “ऑटो स्वीप” सुविधा यानी स्विफ्ट इन एफडी सुविधा के तहत, सेविंग अकाउंट में तय लिमिट से ज्यादा पैसा अपने आप एफडी में बदल जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्राहकों को एफडी जितना ब्याज मिलता है और पैसा निकालने की सुविधा भी समान रूप से बनी रहती है।

जब भी आपके खाते में वह तय की गई लिमिट से अधिक राशि होगी, बैंक उसे ऑटोमेटिक रूप से एफडी में डाल देता है। इस एफडी पर ब्याज दर सामान्य एफडी की तरह ही मिलती है, जो कि 6% से 7% या कभी-कभी इससे भी अधिक हो सकती है। इस तरह आपके सेविंग अकाउंट का अतिरिक्त पैसा बिना बेकार पड़े ज्यादा फायदा पहुंचाता है।

इस सुविधा को कैसे एक्टिव करें

अगर आप अपने सेविंग अकाउंट पर एफडी जितना ब्याज पाना चाहते हैं, तो आपको अपने बैंक ब्रांच जाकर “ऑटो स्वीप” सुविधा को एक्टिव करवाना होगा। अधिकांश बैंक यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराते हैं। जब आप यह सेवा एक्टिव कराते हैं, तो आपको न्यूनतम बैलेंस लिमिट सेट करनी होती है, जिसके ऊपर के पैसे अपने आप से एफडी में बदल जाते हैं।

उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने खाते में न्यूनतम लिमिट 25,000 रुपये तय की है, तो उससे अधिक पैसे अपने आप एफडी में बदल जाएंगे। यह एफडी अलग-अलग छोटी इकाइयों में टूटे होते हैं, ताकि निकालते समय ग्राहक को किसी तरह की परेशानी न हो। यही कारण है कि यह सुविधा आज के समय में बेहद उपयोगी साबित हो रही है।

पैसे निकालने की सुविधा

कई लोग एफडी इसलिए नहीं करवाते क्योंकि उन्हें कभी भी पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में “ऑटो स्वीप” सुविधा उनके लिए बेहतर विकल्प है। इसमें जब भी आप अपने सेविंग अकाउंट से पैसे निकालते हैं और बैलेंस कम हो जाता है, तो एफडी की राशि ऑटोमेटिक रूप से टूटकर आपके खाते में आ जाती है। इससे ग्राहकों को तुरंत नकदी उपलब्ध हो जाती है।

इसका मतलब है कि आपको एफडी पर मिलने वाले ब्याज का फायदा भी मिलेगा और तरलता यानी पैसे निकालने की स्वतंत्रता भी बनी रहेगी। इसी वजह से आजकल यह सुविधा ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। बैंक भी इसे एक आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सुविधा के रूप में बढ़ावा दे रहे हैं।

क्यों है यह सुविधा लाभकारी

अगर देखा जाए तो भारत में करोड़ों लोगों के सेविंग अकाउंट में पैसे पड़े रहते हैं, जिन पर उन्हें असल में बहुत ही कम ब्याज मिलता है। ऐसे में ऑटो स्वीप सुविधा न केवल इन पैसों का सही उपयोग करती है बल्कि ग्राहकों को ज्यादा ब्याज दर का लाभ भी प्रदान करती है। इसके कारण यह सुविधा आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद है।

साथ ही यह सेवा उन लोगों के लिए भी बेहतर है जो अपनी राशि को पूरी तरह लॉक नहीं करना चाहते। जब चाहें तब पैसा निकाल सकते हैं और ब्याज दर भी सामान्य सेविंग अकाउंट से कई गुना ज्यादा होती है। यही वजह है कि इस सुविधा को अपनाना समझदारी भरा विकल्प माना जाता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी वित्तीय निर्णय को लेने से पहले अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें। ब्याज दरें और शर्तें प्रत्येक बैंक में अलग-अलग हो सकती हैं।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *