MP News: 4 सितंबर से शुरू होगी कपास की नीलामी, एक सप्ताह बाद किसान मंडियों में बेच सकेंगे अपनी कपास की फसल

Saroj kanwar
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MP News: मध्य प्रदेश राज्य में जैसे-जैसे मानसून का दौर खत्म होने के करीब पहुंच रहा वैसे-वैसे मंडियों में कपास की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज हो होने लगी है। मौसम साफ होने के बाद अब किसान अपने खेतों से कपास की फसल निकालने की तैयारी शुरू करेंगे।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न मंदिरों में अब कपास की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के खरगोन शहर की कृषि उपज मंडी में नवीन कपास सीजन को लेकर मुहूर्त की नीलामी 4 सितंबर को सुबह 10.30 बजे की जाएगी। मंडी सचिव शर्मिला नीनामा ने किसानों से आह्वान किया है कि वे अपनी उपज 4 सितंबर से मंडी लाकर बेचें और वाजिब दाम प्राप्त करें। मंडी समिति ने नए सीजन के शुभारंभ को लेकर व्यवस्थाएं पूरी कर ली है।

खरगोन जिले में इदारतपुरा गांव के 80% किसान कर रहे हैं फलों की खेती, देशभर में निर्यात

जिला मुख्यालय से करीब 17 किमी दूर स्थित ग्राम इदारतपुरा के किसान परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देकर आर्थिक लाभ कमा रहे हैं। 3 हजार आबादी वाले गांव में 80 प्रतिशत किसान अमरुद व नींबू की खेती कर रहे हैं। यह किसान खुद ही अपने फसलों की ब्रांडिंग व मार्केटिंग भी सोशल मीडिया के माध्यम से कर रहे हैं।

गांव के किसान इस नई तकनीक को अपनाकर खुद के साथ गांव की तकदीर बदल रहे हैं। फलों की खेती से जुड़ने के बाद किसानों ने गांव को विशेष पहचान दी है। वर्तमान में गांव के 100 से अधिक किसान हाईब्रिड अमरुद व नींबू की खेती कर रहे हैं। गांव के किसान राकेश पाटीदार, प्रवीण पाटीदार ने बताया 7 साल पहले फलों की खेती शुरू की थी। उस दौरान गांव के कुछ ही किसान यह खेती कर रहे थे। 

100 एकड़ क्षेत्र में हो रही है फलों की खेती

वर्तमान में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में किसान फलों की खेती कर रहे हैं। एक साल में दो बार अमरुद व नींबू की फसल होती है। किसान खुद ही फल तोड़कर व उसकी पैकिंग कर दिल्ली की आजादपुर मंडी, हरियाणा, बनारस व इंदौर मंडी पहुंचा रहे हैं। मनरेगा योजना के जिला प्रभारी श्याम रघुवंशी ने बताया कि पहले किसानों को उद्यानिकी विभाग द्वारा फलों की खेती की बारीकियां सिखाई गई।

खरगोन ब्लॉक में इदारतपुरा सहित आसपास के गांव के किसान अब परंपरागत खेती को कम कर उद्यानिकी फसलों में रुचि दिखा रहे हैं। किसान हीरालाल पाटीदार, नितिन पाटीदार, राम पाटीदार ने बताया कि गांव में किसान हाईब्रीड अमरुद की वीएनआर, थाई पिंक और रेड डायमंड किस्म की खेती कर रहे हैं। किसान अब जैविक खाद और सामग्री का उपयोग कर फलों के पौधे तैयार कर रहे हैं।

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