रेलवे हर रोज नए नियम लागू कर रहा है, रेलवे स्टेशनों पर एयरपोर्ट सत्र की सुविधा शुरू करने के लिए हजारों स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। परंतु आम आदमी कहीं जाने वाली रेल में यात्रियों की स्थिति वैसे की वैसे ही है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि दिवाली पर राजस्थान से असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, यूपी जाने वाले करीब 75 से अधिक ट्रेनों की सभी श्रेणियां हाउसफुल हो चुकी है। और वही देश भर की 3000 से अधिक ट्रेन फुल हो गई है। अब इनमें एसी नॉन एसी श्रेणी में वेटिंग टिकट भी नहीं रही है।
दिवाली पर 18 अक्टूबर को घर जाने वालों के लिए ओपनिंग डेट पर मंगलवार सुबह 8:00 बजे से टिकट बुकिंग शुरू हुई जो महज 8 मिनट यानी 8:08 पर ही बंद हो गई।
ऐसे में अब लोगों को थोड़ी उम्मीद स्पेशल ट्रेनों और कोच बढ़ोतरी से रह गई है। कोच बढ़ाने से लगभग 25% तक वेटिंग तो कंफर्म हो सकती है परंतु भिड को देखते हुए फ्लाइट का टिकट भी तीन से चार गुना तक महंगा होना तय माना जा रहा है।
वेटिंग सीमा 60% की, पर सीट नहीं
रेलवे ने आदेश जारी किया था कि 25 फीसदी से अधिक वेटिंग टिकट जारी नहीं होंगे।
अब लोगों की परेशानी को देखते हुए इस सीमा को 50 से 60% तक बढ़ा दिया गया।
इसके बाद जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर, जैसलमेर सहित किसी भी शहर के लिए ट्रेन में टिकट बुकिंग नहीं हो सकी।
55 तक पहुंच गई फर्स्ट एसो में वेटिंग, वहीं थर्ड एसी और स्लीपर में 300-400 वेटिंग तक टिकट बुक हो रहे हैं और इसके बाद नो रूम दिख रहा है।
15 सितंबर से 2 नवंबर तक सफर मुश्किल
रिजर्वेशन एक्सपर्ट नीरज चतुर्वेदी और राजीव गुप्ता ने बताया कि दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा पर 15 सितंबर से 2 नवंबर तक जयपुर से किसी भी ट्रेन में यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल जाना और मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु से जयपुर आना बेहद मुश्किल है।