MP News: मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ पर हमेशा से डीएपी और यूरिया के वितरण में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। इन गोदामों को किसानों तक खाद पहुंचाने के लिए बनाया गया था, पर जरूरत होने पर अनाज भी रखा जाता है। जब सरकार ने स्टोरेज की समस्या होने पर इन गोदामों में अनाज रखवाया तो इनके अधिकारी कर्मचारियों ने वह ही डकार गए। 1998-99 से लेकर 2024-25 तक यानी 26 सालों में प्रदेश के 53 गोदामों से 121.87 करोड़ का अनाज गायब हो गया। इसे सरकारी भाषा में शॉर्टज आना कहते हैं। इसमें भी 47 गोदाम ऐसे निकले जिनसे इन 26 सालों में एक रुपये की वसूली तक नहीं हो सकी। यह राशि छोटी नहीं, बल्कि 119.86 करोड़ है। बाकी 6 गोदामों में भी 2.39 करोड़ में से केवल 16% यानी 38 लाख की ही रिकवरी हो सकी, 84% रकम अब भी डूबा हुआ है। कुल मिलाकर अभी भी 121.49 करोड़ रुपये की वसूली अटकी हुई है।
चार साल में 11 लाख मेट्रिक टन धान का पता नहीं
गोदामों से अनाज गायब होने का सिलसिला थमा नहीं है। बीते चार साल में कुल 2.31 करोड़ रुपए कीमत का 11 लाख मेट्रिक टन धान इन्वेंट्री से लापता हो गया। सिर्फ 2021-22 में ही 1.83 करोड़ की 880.60 मेट्रिक टन धान का पता नहीं चला। इसके बाद 2022-23 में 11 लाख की 52.96 मेट्रिक टन, 2023-24 में 32 लाख की 145.34 मेट्रिक टन और 2024-25 में 5 लाख की 21 मेट्रिक टन धान गायब हो गई।
102 करोड़ की रिकवरी में कोई न्यायालयीन बाधा नहीं
प्रदेश के 34 गोदामों से गायब हुए 102.74 करोड़ के अनाज की रिकवरी पर किसी तरह की न्यायालयीन बाधा नहीं है, लेकिन यह वसूली सालों से विभागीय जांच, शोकॉज नोटिस और धीमी प्रक्रिया के कारण अटकी हुई है। वहीं न्यायालयीन प्रकरण सिर्फ 11 गोदामों से गायब हुए 19.13 करोड़ के अनाज को लेकर दर्ज हैं। इनमें 2 गोदामों से 1.58 करोड़ की धान, 3 गोदामों से 22.43 लाख का गेहूं और 6 गोदामों से 17.33 करोड़ के गेहूं-चावल के मामले शामिल हैं।
खरगोन में गेहूं तो नर्मदापुरम में धान गायब
साल 2020-21 में खरगोन के तीन अलग-अलग गोदामों से 7 करोड़ 8 लाख का गेहूं गायब हुआ, तो इसी साल नर्मदापुरम के सेमरीहरचंद में 1 करोड़ 9 लाख की धान की अब तक रिकवरी नहीं हो पाई। दतिया में 2008-09 में 7.93 लाख की धान, अशोकनगर में 2012-13 में 38.34 लाख और गुना में 2016-17 में 6.38 लाख का गेहूं शॉर्ट मिला था। वहीं अनूपपुर में 2021-22 और 2023-24 में 65.47 लाख की धान कम निकली, जिसकी वसूली आज तक नहीं हो सकी।
गरीब की थाली से छीना गेहूं-चावल
प्रदेश के 22 गोदामों से 23.98 करोड़ का धान गायब हुआ है। वहीं 13 गोदाम ऐसे हैं जहां 15.58 करोड़ का गेहूं हजम कर लिया गया। सबसे बड़ा खेल उन 12 गोदामों में हुआ, जिनमें गेहूं और चावल दोनों ही रखे थे। यहां से 80.30 करोड़ का अनाज एक साथ गायब हो गया। ये वो गोदाम हैं, जहां अब तक एक रुपये की भी वसूली नहीं हो सकी है। इन गेहूं और चावल को गरीब की थाली में जाना था।