बिना ई-केवायसी के 1.11 लाख लोगों को जारी हो रहा राशन, कई परिवार दिल्ली-पंजाब-मथुरा जा चुके

Saroj kanwar
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Chhatarpur News: जिले में राशन वितरण प्रणाली में कई हितग्राहियों ने ई-केवायसी नहीं कराई है, लेकिन उनके नाम पर राशन आवंटन जारी है। आंकड़ों के अनुसार ऐसे हितग्राही कुल 1 लाख 11 हजार 451 हैं। इनमें अधिकांश अपने गांव में नहीं रहते और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, आगरा और मथुरा में मजदूरी करने गए हैं।

कुछ परिवारों की वास्तविक स्थिति सामने आई है। जैसे, दीपक अहिरवार दिल्ली में मजदूरी कर रहे हैं। रिजवाना शाह, फरजाना शाह और अबरार शाह सहित पूरा परिवार गुजरात में है। इसके अलावा कई हितग्राहियों की मृत्यु या विवाह के कारण राशन वितरण बंद किया जा चुका है। उदाहरण के लिए खरगी अहिरवार, बेनी बाई, कौशल्या और कई अन्य की मृत्यु हो चुकी है। वहीं नीतू राजा ठाकुर, दीपा, संगीता और अन्य का विवाह हो चुका है।

फिलहाल जिला स्तर पर यह पाया गया कि कुल हितग्राहियों की संख्या 9 लाख 79 हजार 3 है। इनमें से 7 लाख 96 हजार 452 ने ई-केवायसी कराई है। शेष 1 लाख 11 हजार 451 हितग्राहियों ने अभी तक ई-केवायसी नहीं कराई है। शासन ने अप्रैल से इन हितग्राहियों का राशन बंद करने के निर्देश दिए थे, फिर भी यह पालन नहीं हुआ। अधिकारी इस मामले में शिथिलता मान रहे हैं।

जनपद बल्देवगढ़ में सबसे अधिक 27 हजार 20 हितग्राहियों ने ई-केवायसी नहीं कराई है। इसके बाद जतारा में 26 हजार 244, टीकमगढ़ में 23 हजार 660 और पलेरा में 22 हजार 681 हितग्राही शेष हैं। नगरीय क्षेत्र में सबसे अधिक टीकमगढ़ नगर पालिका में 4 हजार 583 लोगों ने ई-केवायसी नहीं कराई।

ई-केवायसी की प्रगति लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिन हितग्राहियों का राशन जारी किया गया है, उनका आवंटन अगले माह के राशन में समायोजित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों ने कहा कि जिन हितग्राहियों का नाम जारी रखा गया है, उनकी स्थिति की जांच कर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस स्थिति से राशन वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता और सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी अब इसे सुधारने के लिए ई-केवायसी को तेजी से पूरा करने और वितरण को वास्तविक हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने की योजना बना रहे हैं।

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