New Teacher Course:बीएड डीएलएड से नहीं टीचर बनने के लिए करना होगा 4 वर्ष का यह कोर्स, इस साल से 4 लेवल का सीटेट

Saroj kanwar
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New Teacher Course: शिक्षक बनने का सपना देख रहे देश के सभी युवाओं के लिए आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है पहले जहां शिक्षक बनने के लिए 1-2 साल का B.Ed और डीएलएड का कोर्स करना होता था अब वहीं इसके लिए 4 साल का एंटीग्रेटेड कोर्स को अनिवार्य किया गया है यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत लाया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण और को और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

शिक्षक बनने का नया तरीका

शिक्षक बनने के लिए नई व्यवस्था के अंतर्गत अब 12वीं पास करने के बाद सीधा 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड B.Ed कोर्स में एडमिशन मिलेगा इसमें छात्र एक साथ स्नातक की पढ़ाई और शिक्षक प्रशिक्षण दोनों कर सकते हैं यानी कि अलग से ग्रेजुएट या फिर B.Ed करने की आवश्यकता नहीं होगी पहले की तरह एक या दो साल का B.Ed का कोर्स धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा और आने वाले समय में सभी शिक्षक उच्च प्रशिक्षित और बेहतर तरीके से तैयार किए जाएंगे।

नियम बदलाव का कारण

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार पुराने कोर्स की अवधि में छात्रों को प्रशिक्षण के लिए भरपूर समय नही मिल पाता था जिससे वह कक्षा में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रभाव उपयोग नहीं कर पाते थे अब 4 साल का कोर्स छात्रों के लिए न केवल विषय का ज्ञान देगा बल्कि मनोविज्ञान शिक्षक कला डिजिटल टूल्स और  प्रैक्टिकल जैसी ट्रेनिंग में भी उपयोगी सिद्ध होगा।

नए कोर्स से छात्रों को होगा फायदा

अब छात्र सीधे 12वीं के बाद शिक्षक बनने की पढ़ाई के लिए एडमिशन ले सकेंगे जिससे उन्हें इस नए कोर्स में डबल डिग्री का भी लाभ मिलेगा इससे छात्र स्नातक औरB.ed साथ में पूरा कर पाएंगे और इसके साथ-साथ अलग से ग्रेजुएशन B.Ed करने की जरूरत भी नहीं रहेगी जिससे छात्रों का समय में काफी बचत होगी।

कब से होगी यह नई व्यवस्था लागू?

सत्र 2025-26 के बाद यह बदलाव जल्द ही शुरू होने वाला है आने वाले कुछ ही वर्षों में केवल 4 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स ही मान्य रह जाएगा जो छात्र पहले से 1-2 साल का बीएड कोर्स कर रहे हैं वे अपना कोर्स पूरा कर सकेंगे हालांकि एनसीटीई द्वारा 2030 से 4 वर्षीय शिक्षक कोर्स को अनिवार्य कर दिया जाएगा शिक्षक बनने की प्रक्रिया में यह बदलाव शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा अब शिक्षक बनने के लिए डिग्री ही नहीं होंगे बल्कि आधुनिक शिक्षा पद्धति में निपुण और बेहतर तरीके से प्रशिक्षित भी होंगे।

4 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के साथ-साथ होगा सीटेट में भी बदलाव

एनसीटीई द्वारा हाल ही में दी गई जानकारी के अनुसार सीटेट की परीक्षा में भी एक बदलाव देखने को मिलेगा जब 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के शिक्षक को तैयार किया जाएगा उसके बाद चार लेवल पर सीटेट का आयोजन किया जाएगा अभी कक्षा 1 से 5 तक तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालय में शिक्षक बनने के लिए केवल दो स्तरीय सीटेट की परीक्षा आयोजित कराई जाती है।

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