लालबाग के राजा और बाल गणेश की प्रतिमाओं की तैयारियां जोरों पर

Saroj kanwar
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Damoh News: श्री गणेशोत्सव नजदीक आते ही शहर के कारीगरों की कार्यशालाओं में रौनक बढ़ गई है। मूर्तिकार मिट्टी से सैकड़ों गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं। इनमें लालबाग के राजा जैसी भव्य प्रतिमाएं, पंचमुखी गणेश और बाल रूप की मूर्तियां शामिल हैं।

कारीगर बताते हैं कि इस साल पर्यावरण मित्र प्रतिमाओं की भी मांग बढ़ी है। कई भक्त मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमा ही घर लाना पसंद कर रहे हैं। मूर्तिकारों के लिए यह समय सबसे व्यस्त और आनंददायक होता है क्योंकि उनके हाथों से गढ़े गणेश हर घर और गली में विराजमान होकर आशीर्वाद देंगे।

उमा मिस्त्री के पास मूर्तिकार सूरज चक्रवर्ती और अभय चक्रवर्ती बताते हैं कि इस साल उनके पास बड़ी गणेश प्रतिमाओं के 10 आर्डर आए हैं। इसमें सगौनी से लालबाग के राजा मूर्ति, पंचमुखी गणेश, दगडू सेठ के गणेश, शेर और सिंहासन पर विराजमान गणेश, श्रीकृष्ण के बाल रूप पेटर्न पर आधारित बाल गणेश शामिल हैं।

प्रतिमाएं 5 से 11 फीट तक की हैं। मूर्तिकार बताते हैं कि प्रतिमा बनाने में लकड़ी, बांस, मिट्टी, रंग-रोगन, फट्टी, कील आदि का उपयोग होता है। कुछ सामग्री स्थानीय रूप से मिल जाती है, जबकि बाकी जबलपुर, कलकत्ता जैसी जगहों से मंगाई जाती है।

मूर्तिकारों ने कहा कि समय नजदीक आने पर वे 24 घंटे मेहनत करते हैं। फिलहाल मूर्तियों को आकार दिया जा रहा है, इसके बाद रंग-रोगन और श्रृंगार किया जाएगा।

इस तरह शहर के कारीगर गणेशोत्सव से पहले अपनी कला और मेहनत से भक्तों के लिए सुंदर और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं।

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