मध्य प्रदेश में ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना, महिलाओं को मिलेगा फलोद्यान लगाने का अवसर

Saroj kanwar
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MP News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी ज़िले में मनरेगा योजना के तहत एक अनोखी पहल शुरू की गई है। इसका नाम है “एक बगिया मां के नाम”। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपनी भूमि पर फलोद्यान लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

परियोजना के तहत जिले के आठों ब्लॉकों में कुल 800 फलोद्यान लगाने की योजना है। ये योजना केवल स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए है। अब तक 1026 महिलाओं का पंजीयन हो चुका है और 15 अगस्त तक पंजीयन जारी रहेगा।

चयनित महिलाओं को फलोद्यान लगाने के लिए पौधे, खाद, तारबंदी और सिंचाई की सुविधा के लिए 50,000 लीटर क्षमता का जल कुंड उपलब्ध कराया जाएगा। जमीन का चयन SIPRI सॉफ्टवेयर से किया जाएगा, जो जलवायु, मिट्टी की गुणवत्ता और पानी की उपलब्धता के आधार पर उपयुक्त स्थान तय करेगा।

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि लाभार्थियों के खातों में राशि सीधे जमा की जाएगी और फलोद्यान की प्रगति पर निगरानी के लिए ड्रोन व सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल होगा। पूरी जानकारी डैशबोर्ड पर दर्ज की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए हर 25 एकड़ पर एक कृषि सखी तैनात की जाएगी, जो पौधारोपण और देखभाल में महिलाओं को सहयोग देगी। बगिया में चार तरह के फलदार पौधे लगाए जाएंगे—संतरा, अनार, अमरूद और आंवला।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से न केवल महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में फल उत्पादन बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।

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