मूंग खरीदी में तय कोटे से ज्यादा उपार्जन, 90 हजार किसान रह गए बाहर, सरकार पर 3594 करोड़ का बोझ

Saroj kanwar
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MP News: मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी 7 जुलाई से 8 अगस्त तक हुई। इस बार 8,682 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर रिकॉर्ड खरीदी हुई। केंद्र ने राज्य को 3.51 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीद का लक्ष्य दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने 7.65 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीद ली। यानी 4.14 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खरीदी हुई। इससे राज्य पर 3,594 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आ सकता है, क्योंकि केंद्र से केवल लक्ष्य के अनुसार 3,047 करोड़ रुपये ही मिलेंगे।

ऐसा पहले भी हो चुका है। 2021 में केंद्र ने 2.47 लाख मीट्रिक टन खरीदी की अनुमति दी थी, जबकि राज्य ने 3.29 लाख मीट्रिक टन खरीदी की। तब राज्य सरकार ने अपनी ओर से किसानों को 2,000 करोड़ रुपये दिए थे।

इस बार मूंग खरीदी के लिए 3.62 लाख किसानों ने पंजीयन कराया, लेकिन 2.72 लाख किसानों ने ही बिक्री की। करीब 90 हजार किसान स्लॉट बुक नहीं कर पाए। किसानों का कहना है कि 21 जुलाई के बाद पोर्टल बंद कर दिया गया था, जिसे केवल 31 जुलाई को थोड़े समय के लिए खोला गया और फिर बंद कर दिया गया।

प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का अनुमानित उत्पादन 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। सरकार 7.65 लाख मीट्रिक टन खरीद चुकी है। बाकी 14.35 लाख मीट्रिक टन में से 35% छोटे और 15% बड़े किसान पहले ही मंडियों में कम दामों पर बेच चुके हैं। शेष मूंग अब बाजार के भरोसे बिकेगी।

इस बार पहली बार खरीदी बारिश के मौसम में हुई, जिससे नमी बढ़ने पर कई किसानों की फसल रिजेक्ट कर दी गई। किसान संगठनों का कहना है कि नीतिगत खामियों और स्लॉट की कमी के कारण हजारों किसान समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले सके।

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