बांध में डूबा अमोला गांव, फोरलेन किनारे बसी नई बस्ती, नाम में बचा सिर्फ थाना

Saroj kanwar
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Shivpuri News: अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध से 21 किमी तक पानी फैलता है। इसी डूब क्षेत्र में आने वाला शिवपुरी जिले का अमोला गांव करीब 14 साल पहले पूरी तरह डूब गया। गांव के लोगों को करैरा के सिरसौद पंचायत क्षेत्र में फोरलेन हाइवे किनारे बसाया गया, जिसे अब ‘नया अमोला’ कहा जाता है। यहां अलग-अलग नंबरों से कॉलोनियां बनी हैं। अमोला नाम अब सिर्फ पुलिस थाने पर बचा है, जिसे भी यहां शिफ्ट किया गया।

मड़ीखेड़ा बांध 2011 में तैयार हुआ था। इससे नरवर, डबरा, दतिया और भिंड के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा। लेकिन इसके लिए कई गांवों को उजाड़ना पड़ा, जिनमें सिंध नदी किनारे बसा अमोला भी शामिल था। गांव के साथ मंदिर और थाना भी नई जगह स्थानांतरित किए गए।

पहले अमोला घाटी के नीचे बसा था। बरसात में बांध भरने पर यहां का पुराना पुल और पूरा इलाका पानी में डूब जाता है। बरसात में नाव से मछली पकड़ना ग्रामीणों की रोजमर्रा का हिस्सा है, जबकि पानी उतरने के बाद गेहूं और खरबूजे की खेती कर जीवन यापन किया जाता है।बांध का जलस्तर 346.25 मीटर पहुंचते ही पुराना अमोला पूरी तरह डूब जाता है। इस दौरान अमोलपठा तिराहे के पास फोरलेन सड़क का आधा हिस्सा भी पानी में आ जाता है। अब एनएचएआई इस सड़क की ऊंचाई बढ़ा रही है ताकि ट्रैफिक बाधित न हो।

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