इस गांव में 300 सालो से नहीं मनाया गया रक्षाबंधन का त्यौहार, हर साल सुनी रहती है भाइयों की कलाई,जानें क्यों 

Saroj kanwar
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 Raksha Bandhan 2025 : 9 अगस्त 2025 को बड़े धूमधाम से पूरे देश में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। इस त्यौहार के दिन बहन भाई को राखी बंद होती है वही भाई भी बहन को तोहफा देते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां 300 सालों से रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मनाया गया।

 हम उत्तर प्रदेश के संभल में एक ऐसे गांव की बात कर रहे हैं जहां 300 सालों से किसी भाई ने अपनी बहन से राखी नहीं बंधवाया है। किस गांव में रक्षाबंधन के दिन सभी भाइयों की कलाई सुनी रहती है।

 यहां क्यों नहीं मनाया जाता रक्षाबंधन 

 संभल जिले के बेनीपुर गांव में रक्षाबंधन के दिन सभी भाइयों की कलाई सुनी रहती है और इस त्यौहार के दिन कोई जश्न नहीं मनाया जाता ना ही बहन अपने भाई से मिलती है। इसकी वजह इतिहास में एक बहन के उपहार को माना गया है। इस गांव में ज्यादातर यादव समाज के लोग रहते हैं जिनका ठाकुरों से इतिहास जुड़ा हुआ है।

 राखी का इतिहास अलीगढ़ जिले के अतरौली थाना क्षेत्र के गांव सेमरी से जुड़ा हुआ है।  300 साल पहले यहां ठाकुर और यादव मिलजुल कर रहते थे और सभी त्योहार आपस में मानते थे। ठाकुर भाई से यादव की लड़की ने राखी पर घोड़ी मांगी और अगले ही साल ठाकुरों की लड़की ने यादव भाई से उपहार में पूरा गांव मांग लिया।

  राजपूत बहन को यादव समाज ने अपनी पूरी संपत्ति दे दी और गांव छोड़कर संभल आकर बस गए। बेनीपुर गांव के लोग यही वजह है कि रक्षाबंधन नहीं मानते क्योंकि उन्हें लगता है कि फिर से कोई बहन उनका घर ना मांग ले और वह फिर से एक बार बेघर ना हो जाए।

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