लगातार तीन बादल फटे, हर्षिल घाटी में बाढ़ जैसी स्थिति, नदी का बहाव थमा

Saroj kanwar
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Uttarkashi News: उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी में मंगलवार को ढाई घंटे के भीतर तीन जगह बादल फटे, जिससे हालात बेहद चिंताजनक हो गए। धराली और हर्षिल के बीच बनी अस्थाई झील के कारण भागीरथी नदी का बहाव रुक गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे के इलाकों को खाली करने की अपील की है।

Uttarkashi News: उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी में मंगलवार को ढाई घंटे के भीतर तीन जगह बादल फटे, जिससे हालात बेहद चिंताजनक हो गए। धराली और हर्षिल के बीच बनी अस्थाई झील के कारण भागीरथी नदी का बहाव रुक गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे के इलाकों को खाली करने की अपील की है।

दरअसल, भारी बारिश और बादल फटने के बाद नदी-नालों में मलबा आने से उनका बहाव थम जाता है, जिससे अस्थाई झील बन जाती है। ठीक ऐसा ही इससे पहले यमुनाघाटी में भी हुआ था, जब 28 जून को सिलाई बैंड क्षेत्र में बादल फटने से यमुना का बहाव रुक गया था और स्यानाचट्टी में झील बन गई थी।

UP news

अब हर्षिल घाटी में बनी झील ने वहां के हेलीपैड को भी पानी में डुबा दिया है। साथ ही, मलबे के कारण आसपास का इलाका भी प्रभावित हो गया है।जलशक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पहली घटना दोपहर 1 बजे हुई, जब खीरगंगा नदी में मलबे के साथ पानी का तेज बहाव आया। इसमें 15 घर पूरी तरह तबाह हो गए और कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।

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कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। दूसरी घटना दोपहर 3 बजे सुक्की टाप के पास हुई, जहां नुकसान का आंकलन जारी है। तीसरी घटना 3:30 बजे हर्षिल आर्मी कैंप के पास तेल गाड़ क्षेत्र में हुई, जिससे फिर से बाढ़ जैसे हालात बन गए।

इन घटनाओं के बाद इलाके में राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश और नदियों के बहाव में आए बदलाव के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।

दरअसल, भारी बारिश और बादल फटने के बाद नदी-नालों में मलबा आने से उनका बहाव थम जाता है, जिससे अस्थाई झील बन जाती है। ठीक ऐसा ही इससे पहले यमुनाघाटी में भी हुआ था, जब 28 जून को सिलाई बैंड क्षेत्र में बादल फटने से यमुना का बहाव रुक गया था और स्यानाचट्टी में झील बन गई थी।

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अब हर्षिल घाटी में बनी झील ने वहां के हेलीपैड को भी पानी में डुबा दिया है। साथ ही, मलबे के कारण आसपास का इलाका भी प्रभावित हो गया है।जलशक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पहली घटना दोपहर 1 बजे हुई, जब खीरगंगा नदी में मलबे के साथ पानी का तेज बहाव आया। इसमें 15 घर पूरी तरह तबाह हो गए और कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।

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कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। दूसरी घटना दोपहर 3 बजे सुक्की टाप के पास हुई, जहां नुकसान का आंकलन जारी है। तीसरी घटना 3:30 बजे हर्षिल आर्मी कैंप के पास तेल गाड़ क्षेत्र में हुई, जिससे फिर से बाढ़ जैसे हालात बन गए।

इन घटनाओं के बाद इलाके में राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश और नदियों के बहाव में आए बदलाव के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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