कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की आवक बढ़ी,सोयाबीन फसल को पता धेदक इल्ली ने घेरा, देखें आज के ताजा भाव

Saroj kanwar
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सोयाबीन को पत्ता छेदक इल्ली की बीमारी में घेर लिया है। अब तक फसल की स्थिति ठीक थी लेकिन 2 दिन से मौसम गर्म ठंडा होने के बाद तंबाकू और काली इल्ली ने फसल पर नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। 2172 में फूल आ गए, जबकि 9560 में अब फली की परत बनने लगी है।

 इल्ली मिटाने के लिए लिम्डा कोराजन नामक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। 600 रुपए प्रति बीघा इस दवा का खर्च आ रहा है। इस प्रकार की इल्ली पत्ते का रस चूस लेती है, जिससे उपज की पैदावार घट जाती है। 
काली और पीले कलर की इल्ली की भरमार हो गई है। किसान इस बीमारी के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह भी ले रहे हैं।  इस साल किसानों ने शत-प्रतिशत रकबे में सोयाबीन की पैदावार लेने के लिए 2172 ब्लैक बोर्ड, 1135 और 9560 नामक सोयाबीन का बीज खेतों में डाला है।

 इस बार उपचारित बीज की अपेक्षा ग्रेडिंग सोयाबीन ही बीज में जाने से उपजाऊ क्षमता में कमी के साथ बीमारी बढ़ने का खतरा भी है। इस समय सोयाबीन की दवाओं की चेकिंग के चलते बाजार में नकली दवा की बिक्री पर खास नजर संबंधित विभाग रख रहा है।
 किसान भी अब असली-नकली की पहचान का प्रयोग कर ही खेतों में इसे डाल रहे हैं।

इधर  मंडी में सवा करोड रुपए की सोयाबीन उपज मंडी नीलाम में किसानों ने बेची नीलामी के भाव 4200 से 4838 रुपए के बोले गए। कारोबारी ने बताया मंडी में बगैर तेजी मंदी के भाव स्थिर रहे। इधर प्लांट ने 50 रुपए खरीदे ऑफर कम कर नीमच लाइन 4825, इंदौर लाइन के ऑफर 4800 के बताए गए हैं। उज्जैन क्षेत्र में बारिश की फिर एक बार खींच बनने से आगामी दिनों में उपज पर खतरा भी बताए जाने से भाव में आगे तेजी की संभावना बढ़ चुकी है। अगर समय पर पानी गिरा और सोयाबीन की बीमारी समाप्त हो गई तो भाव एक बार फिर तेजी से गिरने लगेंगे।

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