IAS Success Story: MDS के बीच में इस महिला ने किया UPSC में टॉप, 50 साल पहले देखे पिता के इस सपने को किया पूरा 

Saroj kanwar
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IAS Mudra Garola Success Story : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश में सबसे कठिन मानी जाती है. बहुत कम लोग होते है जो इस परीक्षा को पास करके IAS या IPS अधिकारी बनते है. आज हम आपको एक ऐसी महिला अधिकारी के बारे में बता रहे है जिन्होंने 50 साल पहले पिता के देखे हुए सपने को आज पूरा किया.

हम बात कर रहे है  आईएएस अधिकारी मुद्रा गैरोला (IAS Mudra Garola) की. IAS मुद्रा गैरोला उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं. अभी फिलहाल अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती है.

मुद्रा बचपन से ही पढ़ाई में टॉपर थी. उन्होंने  10वीं की बोर्ड परीक्षा में 96 फीसदी और 12वीं बोर्ड में 97 फीसदी नंबर हासिल किए थे. मुद्रा को स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें भारत की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है.

स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद मुद्रा ने मेडिकल की पढ़ाई का फैसला लिया. मुद्रा ने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स में एडमिशन ले लिया. मुद्रा को कॉलेज में पढ़ाई के लिए बीडीएस(BDS) में गोल्ड मेडल मिला.  

उसके बाद मुद्रा ने MDS में दाखिल लिया. मुद्रा के पिता का सपना था कि वे एक IAS अधिकारी बनें और देश की सेवा करें. मुद्रा ने MDS की पढ़ाई बीच में छोड़कर अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए UPSC की तैयारी शुरू कर दी.

साल 2018 में मुद्रा ने पहले प्रयास में इंटरव्यू के रांउड तक पहुंच गई, लेकिन वे सिलेक्ट नहीं हो पाई. उसके  साल 2019 में दोबारा यूपीएससी के इंटरव्यू राउंड तक पहुंची, लेकिन सिलेक्शन नहीं हुआ.

साल 2020 में मुद्रा मेन्स क्लियर नहीं कर पाई.  उसके बाद साल 2021 में मुद्रा ने कड़ी मेहनत करके UPSC की परीक्षा दी और उनकी मेहनत रंग लाई. मुद्रा साल 2021 में IPS अधिकारी बनी.

लेकिन उनका सपना था कि वे IAS अधिकारी बने. उन्होंने फिर साल 2022 में फिर से UPSC की परीक्षा दी और ऑल इंडिया 53वीं रैंक हासिल करके IAS अधिकारी बनें. 

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