MP के किसान ले सकेंगे अब वर्ष में तीन फसलें, दिसंबर 2025 से शुरू होगी झिरन्या माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना

Saroj kanwar
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MP News: मध्यप्रदेश राज्य के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में इसी वर्ष दिसंबर में बनी झिरन्या माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना शुरू होने जा रही है। इसके बाद किसान वर्ष में तीन फसलें ले सकेंगे। बता दें कि 1089 करोड़ की लागत से बनी झिरन्या माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना अब अंतिम चरण में है। दिसंबर 2025 से किसानों को नर्मदा जल मिलने लगेगा। इससे 33174.48 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई शुरू होगी। किसान साल में तीन बार फसल ले सकेंगे। योजना से खंडवा व खरगोन जिले के 83 गांवों के करीब 45 हजार किसान लाभांवित होंगे। यह परियोजना वर्ष 2023 में स्वीकृत हुई थी।

लंबे संघर्ष व नहर सैनिकों के आंदोलन के बाद इसे मंजूरी मिली। जिन खेतों में एक फसल भी मुश्किल से होती थी, वहां अब तीन फसलें होंगी। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण सनावद के मुख्य अभियंता एचआर चौहान ने बताया इंदिरा सागर मुख्य नहर की आरडी 39.80 किमी से यह योजना शुरू होती है। इसके चारों पंप हाउस दिसंबर 2025 में चालू होंगे। योजना से कुल 39520 हेक्टेयर में से 33174.48 हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा। इससे किसानों की आय व जीवन स्तर में सुधार होगा।

इस परियोजना को जनवरी 2029 तक पूरा करने का रखा गया है लक्ष्य 

जनवरी 2023 में शुरू हुई इस परियोजना को जनवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य था। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी, पंधाना विधायक छाया मोरे, प्रशासनिक अधिकारियों और निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीश गुप्ता इंदौर के प्रयासों से काम समय से पहले पूर्णता की ओर है। अधीक्षण यंत्री डीआर आकरे ने बताया खंडवा तहसील के 10, पंधाना के 32 व झिरन्या तहसील के 41 गांवों को योजना से जोड़ा गया है। कार्यपालन यंत्री सीबी टटवाल ने बताया चारों पंप हाउस व भूमिगत पाइप लाइनें तैयार हैं। दिसंबर से 33174.48 हेक्टेयर (82272.71 एकड़) भूमि सिंचित होगी। परियोजना पूरी होने पर 39520 हेक्टेयर (98009.6 एकड़) भूमि को पानी मिलेगा।

विद्युत कार्य भी होंगे पूर्ण

योजना में 42.516 किमी लंबी राइजिंग मेन लाइन बिछाई गई है। एमएस ब्रांच लाइन 230.470 किमी लंबी है। एचडीपीई लाइन की कुल लंबाई 2397 किमी है, जिसमें से 2054 किमी का कार्य पूरा हो चुका है। सहायक यंत्री केएस खंगार ने बताया कि 2.50 हेक्टेयर क्षेत्र तक दबाव युक्त सिंचाई सुविधा देने के लिए प्रत्येक 20 हेक्टेयर में 1608 ओएमएस लगाने का कार्य भी अंतिम चरण में है। पंप हाउस 3 व 4 का विद्युत कार्य पूरा हो गया है। पंप हाउस 1 व 2 तक टावर लाइन का काम प्रगति पर है। मुख्य अभियंता एचआर चौहान, अधीक्षण यंत्री डीआर आकरे, कार्यपालन यंत्री सीबी टटवाल और मैदानी अभियंताओं के प्रयासों से यह कार्य गुणवत्ता के साथ समय से पहले पूरा होने की ओर है।

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