धुलकोट में नहीं हुई बारिश, तालाब सूखे और फसलें संकट में

Saroj kanwar
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Burhanpur News: धुलकोट क्षेत्र में जुलाई का आधा महीना बीतने के बाद भी अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे गांवों में जल संकट गहरा गया है। क्षेत्र के कुम्हार नाला, पिपराना, भगवानिया, झिरपांजरिया और इटारिया जैसे पुराने तालाब पूरी तरह सूखे पड़े हैं। ये जलस्रोत हर साल गांव की प्यास बुझाते थे, लेकिन इस बार इनमें एक बूंद पानी तक नहीं है।

साथ ही सुक्ता और रूपारेल नदियों में भी अभी तक पानी का बहाव शुरू नहीं हुआ है।कम बारिश की वजह से भूमिगत जलस्तर में भी कोई सुधार नहीं आया है। गांवों में कुएं और हैंडपंप सूखने की कगार पर हैं, जिससे पीने के पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, क्योंकि मक्का, सोयाबीन, उड़द जैसी फसलें समय पर बारिश न होने से सूखने लगी हैं।

पशुओं को भी पानी और चारे की कमी होने लगी है।गांवों में बारिश के लिए धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। मंदिरों में रोजाना सुबह-शाम महाआरती के साथ विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। आदिवासी समाज द्वारा पारंपरिक ‘मेघ बुलावा’ और जल देवता पूजन का आयोजन किया जा रहा है, ताकि जल्द अच्छी बारिश हो और लोगों को राहत मिले। ग्रामीणों की उम्मीदें अब बादलों पर टिकी हैं कि जल्द ही अच्छी बारिश होकर हालात सामान्य होंगे।

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