टीकमगढ़ की 100 करोड़ की सरकारी जमीन निजी नामों पर दर्ज, हाईकोर्ट में याचिका

Saroj kanwar
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Tikamgarh News: टीकमगढ़ जिले की अनंतपुरा पंचायत में गोचर भूमि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। लगभग 100 करोड़ रुपए मूल्य की 38.66 एकड़ शासकीय जमीन कथित रूप से निजी लोगों के नाम दर्ज कर दी गई है। यह खुलासा 2016 में हुई जांच में हुआ था, जिसमें खसरा नंबर 545 और 569 की सरकारी जमीन को बिना किसी वैध आदेश के निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया गया था। मामला संवत 2013 से 2017 के बीच की जमीन हेराफेरी से जुड़ा है, जहां रिकॉर्ड में कांट-छांट कर गोचर भूमि का निजीकरण किया गया।

इस मामले को लेकर टीकमगढ़ निवासी हरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन निजी लोगों को दे दी गई। याचिका में कई वरिष्ठ अधिकारियों और जय महाकाल डेवलपर्स को भी पक्षकार बनाया गया है।

कोर्ट ने सभी को नोटिस जारी किए हैं।याचिका में यह भी कहा गया है कि जेएमके स्मार्ट सिटी को 6.67 एकड़ जमीन पर स्वीकृति मिली थी, लेकिन 8.09 एकड़ भूमि पर निर्माण किया गया। वहीं, 4.025 एकड़ शासकीय भूमि रिकॉर्ड से गायब है। जांच रिपोर्टों में अनियमितताएं साफ उजागर हुईं, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हो पाई। एडवोकेट मनीष वर्मा के अनुसार, सरकारी जमीन अवैध रूप से दर्ज नहीं की जा सकती और ऐसी संपत्ति सरकार वापस ले सकती है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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