बारिश से खेतों में जलभराव, सोयाबीन और उड़द की फसल बर्बाद, किसानों को नहीं मिली सरकारी मदद

Saroj kanwar
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Damoh News: दमोह जिले में जुलाई की शुरुआत में हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार पानी भरने से खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे सोयाबीन और उड़द जैसी खरीफ फसलें खराब होने लगी हैं। करीब 80% किसानों ने बोवनी पूरी कर ली थी, लेकिन जलभराव के कारण अब फसलें सड़ने लगी हैं।

बटियागढ़ के पिपरिया चंद गांव के किसान सुत्री लाल प्रजापति ने बताया कि 5 एकड़ में सोयाबीन बोई थी, जो पानी भरने से पूरी तरह खराब हो गई। आसपास के 20 खेतों का पानी एक ही खेत में भर गया, जिससे नुकसान और बढ़ गया। इसी तरह खड़ेरी गांव के किसानों ने भी बताया कि उनकी सोयाबीन की फसलें पानी में डूबकर सड़ रही हैं।

पथरिया के बृजमोहन पटैल ने कहा कि उनकी 4 एकड़ की फसल पीली पड़ने लगी है, जबकि भागीरथ लोधी की 2 एकड़ की फसल भी खराब हो रही है।पटेरा और रमगढ़ा के कई किसानों ने भी उड़द और सोयाबीन के नष्ट होने की बात कही है। कुछ किसानों का कहना है कि अब फसल से पैदावार की उम्मीद भी नहीं रही।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक फसलों के नुकसान की जानकारी विभाग को नहीं मिली है। सर्वे के बाद ही सही स्थिति पता चलेगी।वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे जल निकासी की व्यवस्था करें और फसल बचाने के लिए उचित कीटनाशक और खरपतवार नियंत्रक दवाओं का छिड़काव करें।

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