Soybean prices :सोयाबीन भाव में आज फिर उछाल, सोयाबीन तेल में भी तेजी, देखें आज के ताजा भाव

Saroj kanwar
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Soybean prices : तेल बाजार में लगातार तेजी वाले भाव होने और बिक्री बढ़ने से मंडी के ऑफ सीजन में 3.30 करोड़ से अधिक का सोयाबीन किसान बेच चुके हैं। इन दिनों किसान भारी मात्रा में स्टॉक का सोयाबीन बेचने आ रहे हैं। भाव में 50 रुपए की तेजी चल रही है। इधर, हरा-लाल कलर वाला कल्चर सोयाबीन बेचने वाले किसानों को करीब 500 रुपए क्विंटल से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रंगा हुआ सोयाबीन करीब 500 रुपए नीचे भाव पर बिक रहा है, जबकि पीले कलर का सोयाबीन 4300 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। इस पर दवा का भी खर्च और भाव की कमी से किसानों को नुकसान ही नुकसान मिल रहा है। इधर, सोयाबीन प्लांट ने भाव वृद्धि कर नीमच लाइन 4450, इंदौर लाइन 4400 से 4425 रुपए के भाव ऑफर किए हैं।

सोयाबीन की बेहतर फसल के लिए दवा का बाजार पूरी तरह से सज चुका है लेकिन कृषि विभाग की कड़ी नजर भी इस पर होने से इस समय साफ सुथरा काम होने की जानकारी मिली है। जागरूक किसान अब टेस्ट कर ही दवा खरीदने लगे हैं। इधर, मंडी का 1 लाख क्विंटल से अधिक का सोयाबीन का स्टॉक 1000 रुपए नीचे भाव वाला चल रहा है लेकिन सरकार के 5328 समर्थन दाम वाले भाव से स्टॉक वालों को तेजी वाले भाव मिलने की उम्मीद अधिक है लेकिन विदेशों में बंपर पैदावार की खबर से भाव आखिर महंगे रहेंगे या सस्ते इस पर विश्लेषक अध्ययन कर रहे हैं। विदेशों में भले ही सोयाबीन सस्ता बिके लेकिन वहां की सरकार किसानों को अनेक प्रकार की सुविधा देकर उन्हें नुकसान से हमेशा बचाती है। भाव कुछ भी रहे लेकिन वहां के किसान हमेशा लाभ में ही रहते हैं।

2060 रुपए पर पहुंचा तेल

रक्षाबंधन नजदीक होने से तेल बाजार में एकतरफा खरीदी आने से तेल कारोबारी स्टॉक बढ़ाने में लगे हैं। 15 किलो सोयाबीन के 20 रुपए महंगा होकर 2060 रुपए हो चुका है। आगे 2100 रुपए भाव की धारणा भी बताई जा रही है। लंबे समय से तेल के दाम में बगैर खरीदी के सस्ते का दौर चल रहा था। एक माह में 100 रुपए से अधिक की तेजी 15 किलो तेल में आ चुकी है।


15 जून को की गई सोयाबीन की बुवाई के पौधे एक फीट की हाइट ले चुके हैं। किसान कमल पटेल ने बताया इसमें अभी फूल आना बाकी है। किसानों अलग-अलग प्रकार का बीज खेतों में डाला है। कहीं 90 दिन और कहीं 105 दिन में पकने वाली सोयाबीन की स्थिति इस समय बेहतर से बेहतर बताई गई है। सोयाबीन बुवाई वाले किसान इस समय बारिश की मेहरबानी ही मान रहे हैं। अगर समय पर पानी नहीं मिला तो इसमें अनेक प्रकार की बीमारी का खतरा बढ़ जा सकते हैं

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