Ratlam News: रामकथा के चौथे दिन हुआ श्रीराम जानकी का विवाह, झूम कर नाचे भक्त 

Saroj kanwar
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रतलाम,16 जुलाई (इ खबर टुडे)। श्री हरि कथा योजना एवं वनवासी ट्रस्ट के निर्देशन में श्री राम कथा समिति रतलाम द्वारा  श्री कालिका माता मंदिर हॉल में  आयोजित  सात दिवसीय श्री राम कथा में बुधवार को भगवान श्री राम और माता जानकी का विवाह हुआ और कथास्थल पर उपस्थित भक्तजन ख़ुशी से झूम  उठे।  एकल अभियान एवं श्री हरि कथा आयोजन समिति रतलाम के सचिव अनिल पोरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री राम कथा का वाचन  कथा वाचक  सुश्री गीता कुमारी  जी (वनवासी कथा वाचक) द्वारा किया जा रहा है ।  
 
बुधवार को  पोथी पूजन मे श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, मोहित शुक्ला चेयरमैन अध्यक्ष म. प्र. राज्य सहकारी सूचना एवं उन्नत प्रौद्योगिकी संघ मर्यादित, भोपाल,भाजपा पार्षद दल, गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज, कुशा भाऊ ठाकरे मंडल, जैन समाज गुजराती उपासरा देव सुर तपागच्छ चार थुई जैन श्री संघ, जांगिड़ ब्राह्मण समाज, पर्यावरण गतिविधि, एकल अभियान के संच रावटी, शिवगढ़ के आचार्य श्रीमती दिव्या चंदन शर्मा मित्र मंडल द्वारा पोथी पूजन किया गया

 चौथे दिन  की श्री राम कथा में सुश्री गीता किशोरी ने कथा में कहा कि एकल नगर कथा योजना के तत्वाधान में रतलाम अंचल केंद्र कालका माता मंदिर प्रांगण में आज चतुर्थ दिवस की श्री राम कथा में बाल लीला का वर्णन करते कहती है की
प्रातः काल उठी के रघुनाथा,
मात पिता गुरु नवाही माथा।
प्रभु श्री राम बाल काल से अपने माता पिता गुरु ज्येष्ठ श्रेष्ठ जनों को नित्य प्रति प्रणाम करते थे ये अपना सनातन संस्कार है। आज वर्तमान समय में मैकाले शिक्षा पद्धति से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे परन्तु अपने माता पिता के अनुशासन में नहीं है,कारण संस्कार। हमारे सनातन धर्म में 16 संस्कार होते है गर्भधारण संस्कार से अंत्येष्टि तक।

आज माताएं जब गर्भ से होती है तो गलत सीरियल आदि देखती है जिसके प्रभाव  गर्भ में पल रहे भ्रूण पर गलत प्रभाव पड़ता है,और वही बच्चा संस्कार हीन होता है।  माता यदि धार्मिक सीरियल को देखती तो वो बच्चा संस्कारवान ही उत्पन्न होता।

आज के समय में लव जिहाद बहुत तीव्र गति से बढ़ रहा है सनातन विरोधी राष्ट्र विरोधी ताकते सभी और से प्रहार कर रहा है,अपने घर ऐसे मनचलंत जिहादी मानसिकता वाले को घर में प्रवेश निषेध करना होगा। साथ अपनी संतानों को अच्छे संस्कार देना होगा ताकि हमें भी वो दिन देखना न पड़े। धनुष यज्ञ प्रसंग में राजा जनक के संबोधन से लक्ष्मण जी क्रोधित होते है परंतु संस्कार के कारण राम जी के इशारा मात्र से शांत हो जाते है।

गुरु के आज्ञा के पश्चात ही राम चंद्र धनुष उठाने को जाते है,और माता जानकी से विवाह होता है। उक्त बात प्रवचन में कहीं। बीच बीच अंतराल में भजन किए गए जिसमें श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य का आनंद लिया तथा विवाह में श्रद्धालुओं ने खूब झूम कर नृत्य किया।

जिसमें समिति के विनोद मूणत, मनोहर पोरवाल,मुन्नालाल शर्मा,अनिल पुरोहित, अनिल पोरवाल  राकेश नागर, रजनीश गोयल,भूपेंद्र जायसवाल, मांगीलाल खराड़ी, रवि पवार, श्रीमती हेमलता मालपानी, अर्चना अग्रवाल, उमा राठी, मधु पोरवाल विद्यालय  सहित अंचल जिला एकल विद्यालय समिति पदाधिकारी, सदस्य, श्री राम कथा आयोजन समिति व महिला समिति सहित कथा श्रावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 
 आज कथा की आरती में प्रजापति ब्रह्मा कुमारीज सीमा दीदी,सनातन धर्म महारूद्रयज्ञ समिति, श्री गोपाल जी का बड़ा मंदिर न्यास, श्री बद्री नारायण सेवा ट्रस्ट, मोहन मुरली वाला मित्र मंडल ,श्री हनुमान बाग ट्रस्ट, पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद, भाजपा दीनदयाल मंडल,श्री रविदास समाज, प्रभु प्रेमी संघ तथा चौथे दिन के विश्राम के साथ  प्रसाद वितरण किया गया।


पांचवें दिन की कथा का समय दोपहर 3:00 बजे से 6:00 बजे तक रहेगा। सीता माता की विदाई और वनवास का चित्रण किया जाएगा।

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