विश्वविद्यालय में 4778 सीटें खाली, रिजल्ट में गड़बड़ी के कारण छात्र निजी कॉलेजों में कर रहे प्रवेश

Saroj kanwar
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Chhatarpur News: महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया 14 मई से शुरू हुई थी। अब तक इस प्रक्रिया के चार चरण पूरे हो चुके हैं, और पांचवें चरण में प्रवेश जारी है। 14 जुलाई को सीट आवंटन पत्र जारी किया जाएगा।विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2025-26 के सत्र के लिए कुल 7765 सीटें निर्धारित की थीं, जिनमें स्नातक के लिए 4800, स्नातकोत्तर के लिए 2600 और डिप्लोमा सर्टिफिकेट के लिए 1564 सीटें तय की गई थीं। इसके बाद सीटों की संख्या बढ़ाकर 8964 कर दी गई। चार राउंड की प्रक्रिया के बाद 4206 सीटों पर प्रवेश हो चुका है, लेकिन 4778 सीटें अब भी खाली हैं।

इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रयासरत है, और तीसरे राउंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।कुछ छात्रों ने बताया कि वे तीन बार च्वाइस फिलिंग में भाग लेने के बाद भी सूची में जगह नहीं बना पाए। उनमें से संजय कुशवाह्य और राहुल अहिरवार ने बताया कि वे विश्वविद्यालय में एमसीबीयू में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद, च्वाइस फिलिंग और विषय चयन के लिए विश्वविद्यालय गए, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इस वजह से उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लिया।

आकाश पटेल ने भी बताया कि उनके दोस्तों ने एमसीबीयू में पढ़ाई का माहौल अच्छा नहीं बताया, इसलिए उन्होंने निजी कॉलेज में दाखिला लिया।

विशेषज्ञ की राय: डॉ. जेपी मिश्रा, रिटायर्ड कुलसचिव, एमसीबीयू

उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर चिंता जताते हुए कहा कि एमसीबीयू में एकेडमिक कल्चर खत्म होता जा रहा है।विश्वविद्यालय में नकारात्मक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे अभिभावक खासकर बेटियों के पिता इस विश्वविद्यालय में एडमिशन से कतराने लगे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण परिणामों में गड़बड़ी हो रही है। कई बार छात्रों को अनुपस्थित दिखा दिया जाता है और कुछ को मनमर्जी से अंक दिए जाते हैं। सुधार के लिए जनप्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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