CIBIL Score for loan :खराब सिबिल स्कोर के कारण नहीं मिल रहा लोन, इस तरीके से चुटकी में मिलेगा पैसा

Saroj kanwar
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CIBIL Score for loan: आज के समय में जब वित्तीय आवश्यकताएं लगातार बढ़ रही हैं, तो लोन की जरूरत एक सामान्य बात हो गई है। हालांकि, अच्छे सिबिल स्कोर वाले व्यक्तियों को आसानी से लोन मिल जाता है, लेकिन खराब सिबिल स्कोर वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी समस्या बन जाती है। ऐसी स्थिति में अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थाएं लोन देने से मना कर देती हैं। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि कुछ विशेष तरीकों से आप बिना अच्छे सिबिल स्कोर के भी अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन प्रभावी विकल्पों के बारे में जो आपकी आर्थिक परेशानी का समाधान हो सकते हैं।

संयुक्त लोन: पारिवारिक सहयोग का फायदा

कम सिबिल स्कोर की समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका संयुक्त लोन या ज्वाइंट लोन लेना है। इस विकल्प में आपको अपने परिवार के किसी ऐसे सदस्य या भरोसेमंद रिश्तेदार का सहारा लेना होता है जिसका सिबिल स्कोर अच्छा हो। बैंक इस व्यक्ति को सह-आवेदक या गारंटर के रूप में मानकर लोन स्वीकृत कर देता है। इस प्रक्रिया में दोनों व्यक्तियों की आय को मिलाकर लोन की राशि तय की जाती है, जिससे अधिक राशि मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि, इसविकल्प में दोनों व्यक्ति लोन की चुकौती के लिए जिम्मेदार होते हैं, इसलिए इसे चुनते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।

सुरक्षित गोल्ड लोन की सुविधा

गोल्ड लोन एक ऐसा विकल्प है जिसमें सिबिल स्कोर की कोई भूमिका नहीं होती और यह तुरंत मिल जाता है। यह एक सिक्योर्ड लोन होता है जिसमें आपको अपना सोना बैंक या वित्तीय संस्था के पास गिरवी रखना होता है। सोने की कीमत के लगभग 75 प्रतिशत तक लोन राशि प्राप्त की जा सकती है। गोल्ड लोन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी प्रक्रिया तेज होती है और कम कागजी कार्रवाई में यह मिल जाता है। ब्याज दरें भी अपेक्षाकृत कम होती हैं क्योंकि बैंक के पास सुरक्षा के रूप में सोना रहता है। लोन चुकाने के बाद आपको अपना सोना वापस मिल जाता है।

कार्यक्षेत्र में सैलरी एडवांस की सुविधायदि आप किसी कंपनी में नियमित नौकरी करते हैं तो सैलरी एडवांस एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। अधिकांश कंपनियां अपने कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में सैलरी एडवांस की सुविधा प्रदान करती हैं। इस प्रकार का लोन आमतौर पर बिना किसी ब्याज के मिलता है और आपकी मासिक सैलरी से छोटी किस्तों में काटा जाता है। कंपनी आपकी मासिक आय को देखते हुए एक निश्चित राशि तक एडवांस देने के लिए तैयार होती है। यह विकल्प न केवल तुरंत पैसों की व्यवस्था करता है बल्कि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त लागत से भी बचाता है। हालांकि, यह राशि आमतौर पर सीमित होती है।

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से सहायता

नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां या एनबीएफसी भी कम सिबिल स्कोर वाले व्यक्तियों के लिए एक विकल्प हो सकती हैं। ये कंपनियां बैंकों की तुलना में अधिक लचीले नियम रखती हैं और कम दस्तावेजों में लोन देने के लिए तैयार होती हैं। हालांकि, इनकी ब्याज दरें आमतौर पर बैंकों से अधिक होती हैं क्योंकि ये अधिक जोखिम उठाती हैं। कुछ एनबीएफसी बिना किसी गारंटी के भी लोन देती हैं, लेकिन ऐसे मामलों में ब्याज दरें और भी अधिक हो सकती हैं। इस विकल्प को चुनते समय लोन की शर्तों को ध्यान से पढ़ना और विभिन्न कंपनियों की तुलना करना आवश्यक है।निवेश और बचत योजनाओं पर लोन

यदि आपने पहले से ही विभिन्न बचत योजनाओं में निवेश कर रखा है तो इन निवेशों को गारंटी के रूप में रखकर लोन प्राप्त कर सकते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट, एलआईसी पॉलिसी, पब्लिक प्रोविडेंट फंड और अन्य बचत योजनाओं पर लोन की सुविधा उपलब्ध होती है। इस प्रकार के लोन में आपका निवेश सुरक्षित रहता है और आपको तुरंत नकदी मिल जाती है। ब्याज दरें भी अपेक्षाकृत कम होती हैं क्योंकि बैंक के पास आपका निवेश सुरक्षा के रूप में रहता है। फिक्स्ड डिपॉजिट पर तो आमतौर पर एफडी के ब्याज दर से केवल 1-2 प्रतिशत अधिक ब्याज लगता है। यह विकल्प उन लोगों के लिए आदर्श है जिन्होंने लंबी अवधि की बचत योजनाओं में निवेश किया है।

सिबिल स्कोर की महत्ता और सुधारसिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और 750 से ऊपर का स्कोर उत्कृष्ट माना जाता है। जितना अधिक स्कोर होता है, उतनी ही आसानी से और कम ब्याज दर पर लोन मिलता है। 600 से कम स्कोर को खराब माना जाता है और ऐसे में लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। सिबिल स्कोर में सुधार के लिए समय पर ईमीआई चुकाना, क्रेडिट कार्ड के बिल का पूरा भुगतान करना, और कई लोन एक साथ न लेना आवश्यक है। नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करना और किसी भी गलती को तुरंत ठीक कराना भी महत्वपूर्ण है। धैर्य रखकर इन नियमों का पालन करने से धीरे-धीरे सिबिल स्कोर में सुधार होता है।

खराब सिबिल स्कोर के बावजूद उपरोक्त विकल्पों के माध्यम से आप अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी लोन को लेते समय अपनी चुकौती क्षमता का सही आकलन करना आवश्यक है। ब्याज दरों, शर्तों और नियमों को ध्यान से पढ़कर ही कोई निर्णय लें। साथ ही, भविष्य में आसानी से लोन पाने के लिए अपने सिबिल स्कोर को सुधारने पर भी काम करते रहें।

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