Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चमक एक बार फिर से बढ़ गई है, जिसका सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार, खासकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देखा जा रहा है. 7 जुलाई 2025 को वाराणसी के स्थानीय बाजार में सोने की कीमत में 100 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि दर्ज की गई. सावन माह की शुरुआत से ठीक पहले सोने की कीमतों में यह तेजी खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
24 कैरेट सोना 98980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा
सोमवार को वाराणसी सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 100 रुपये की तेजी के साथ 98980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इससे एक दिन पहले यानी 6 जुलाई को यही सोना 98880 रुपये प्रति 10 ग्राम था. यह कैरेट शुद्धता के आधार पर सबसे शुद्ध सोना माना जाता है, जो मुख्य रूप से निवेश और उच्च मूल्य वाले आभूषणों में उपयोग होता है.
22 कैरेट सोने में भी आई 100 रुपये की बढ़त
केवल 24 कैरेट ही नहीं, बल्कि 22 कैरेट सोने की कीमत में भी 100 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. अब इसका भाव 90750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि 6 जुलाई को यह 90650 रुपये प्रति 10 ग्राम था. 22 कैरेट सोना आमतौर पर आभूषण निर्माण के लिए प्रयोग किया जाता है और यह रोज़मर्रा की खरीदारी में सबसे लोकप्रिय श्रेणी है.
18 कैरेट सोना भी हुआ महंगा, 74250 रुपये हुआ नया रेट
18 कैरेट सोने की कीमत में 80 रुपये की तेजी आई है. अब इसका नया भाव 74250 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले इसका रेट 74170 रुपये था. 18 कैरेट सोना अधिकतर फैशनेबल गहनों और डिज़ाइनर आभूषणों में इस्तेमाल होता है.
सोने की शुद्धता जांचना बेहद जरूरी
गौर करने वाली बात है कि सोना खरीदने से पहले उसकी शुद्धता जरूर जांचें. शुद्धता कैरेट (Carat) में मापी जाती है. 24 कैरेट सोना शुद्धतम माना जाता है, लेकिन यह बेहद नरम होता है, इसलिए आभूषणों में इसका कम उपयोग होता है. वहीं 22 और 18 कैरेट सोना आभूषणों के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि यह टिकाऊ भी होता है और इसकी चमक भी अच्छी रहती है.चांदी की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव
सोने के उलट चांदी के रेट में 7 जुलाई को कोई बदलाव नहीं देखने को मिला. बाजार खुलते समय चांदी का रेट 1,10,000 रुपये प्रति किलो पर स्थिर रहा. 5 और 6 जुलाई को भी चांदी की यही कीमत बनी रही, जबकि 4 जुलाई को इसका रेट थोड़ा अधिक यानी 1,11,000 रुपये प्रति किलो था.
शादी के सीजन में ब्रेक
वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल का मानना है कि फिलहाल वेडिंग सीजन थम चुका है, इसलिए बाजार में अत्यधिक मांग नहीं है. ऐसे में कीमतों में हल्की-फुल्की तेजी या गिरावट तो संभव है, लेकिन बड़े स्तर पर कोई भारी उछाल या गिरावट आने की संभावना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि आगामी महीनों में अगर त्योहारी मांग बढ़ी, तो फिर से दामों में बदलाव देखा जा सकता है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर लगातार जारी
भारत के घरेलू बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति भी होती है. डॉलर की चाल, क्रूड ऑयल की कीमत, वैश्विक मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों की नीतियां जैसे कई कारण इन धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं. सावन और आगामी त्योहारी सीजन से पहले इन बदलावों पर नजर रखना जरूरी हो गया है.निवेश के नजरिए से कब खरीदें सोना?
अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सावधानी से कदम उठाने का है. कीमतें स्थिर रहते हुए धीरे-धीरे ऊपर जा रही हैं, जो संकेत देता है कि निकट भविष्य में छोटे-छोटे सुधारों के साथ कीमतें और ऊपर जा सकती हैं. ऐसे में नियमित अंतराल पर छोटी-छोटी मात्रा में निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है.