Birth Certificate WhatsApp: राजस्थान सरकार ने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण-पत्रों को लेकर नई सुविधा शुरू की है। अब इन प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा ‘पहचान पोर्टल’ के तहत शुरू की गई है जो पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और त्वरित है।
पहचान पोर्टल से जुड़ी नई व्यवस्था
राज्य सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत अब लोगों को प्रमाण पत्रों के लिए सरकारी कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। अब प्रमाण-पत्र का PDF फॉर्मेट मोबाइल पर ही प्राप्त हो जाएगा। इससे समय, संसाधन और श्रम की बचत होगी।
अस्पताल से छुट्टी के साथ मिलेगा जन्म प्रमाण-पत्र
अब जैसे ही किसी नवजात का जन्म अस्पताल में होता है। उसका बर्थ सर्टिफिकेट वहीं तैयार कर दिया जाएगा। discharge से पहले ही माता-पिता को प्रमाण-पत्र सौंप दिया जाएगा। पहले जहां इस प्रक्रिया में हफ्तों लग जाते थे। अब यह सब कुछ कुछ ही घंटों में हो सकेगा।
मोबाइल नंबर का पंजीकरण होगा अनिवार्य
नवीन प्रक्रिया के तहत जब कोई व्यक्ति जन्म-मृत्यु या विवाह का पंजीकरण कराता है, तो उसे एक WhatsApp से लिंक मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। उसी नंबर पर सर्टिफिकेट का लिंक भेजा जाएगा, जिसे क्लिक करते ही उसे डाउनलोड किया जा सकेगा।
7 दिनों की तय समयसीमा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चे के जन्म के 7 दिन के भीतर उसके परिवार को प्रमाण-पत्र मिल जाना चाहिए। प्रमाण-पत्र इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट फॉर्मेट दोनों में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह निर्णय बढ़ती मांग और जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए लिया गया है।डिजिटल इंडिया की दिशा में ठोस कदम
राजस्थान सरकार की यह पहल न केवल एक तकनीकी सुधार है। बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी प्रक्रियाओं में गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता आएगी। यह योजना अब अन्य राज्यों के लिए भी आदर्श मॉडल बन सकती है। लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
इस व्यवस्था से लाखों लोगों को घर बैठे प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को अब दूर-दराज के सरकारी दफ्तरों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे ना केवल भीड़ कम होगी। बल्कि कर्मचारियों पर काम का बोझ भी घटेगा।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
राज्य सरकार ने जिला रजिस्ट्रारों और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह सुविधा समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू हो। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
तकनीक से जनता को जोड़ने की दिशा में पहल
यह पहल यह दर्शाती है कि सरकार अब प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनता को सेवाएं देना चाहती है। व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय माध्यम का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को सीधे आम नागरिक तक पहुंचाया जा रहा है। जिससे सरकारी सिस्टम में जनता की भागीदारी भी बढ़ेगी।