Water Misuse Penalty :पानी बर्बाद करने वालों पर होगी कार्रवाई, अवैध पेयजल कनेक्शन वालों की भी खैर नही

Saroj kanwar
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Water Misuse Penalty: गुरुग्राम में अब पेयजल की बर्बादी और अवैध कनेक्शन लेने वालों की खैर नहीं. नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने साफ कर दिया है कि जल संरक्षण में बाधा बनने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को अब बख्शा नहीं जाएगा. पेयजल का दुरुपयोग करने पर जुर्माने के साथ-साथ कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है.

सोढी सुपर मार्केट पर पहली कार्रवाई


नगर निगम ने साउथ सिटी-1 में स्थित सोढी सुपर मार्केट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध पेयजल कनेक्शन को काट दिया और ₹2,000 का जुर्माना भी लगाया. यह कार्रवाई सहायक अभियंता कुलदीप यादव की टीम द्वारा स्थानीय निवासियों की शिकायत पर की गई.

जनता से सहयोग की अपील


नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे कहीं भी पेयजल का गलत प्रयोग या अवैध कनेक्शन देखें तो तुरंत निगम को सूचित करें. निगम अब इन शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि जल संकट के इस दौर में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

गुरुग्राम में लाखों अवैध कनेक्शन


प्रदीप दहिया ने बताया कि गुरुग्राम में लगभग 3.5 लाख घरों में अवैध पेयजल और सीवर कनेक्शन चल रहे हैं. नगर निगम ने इन सभी पर शिकंजा कसने की रणनीति तैयार कर ली है और एक विशेष अभियान के तहत लगातार निगरानी की जा रही है


अवैध कनेक्शन पर होगी कड़ी कार्रवाई


नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि पेयजल हमारे जीवन की मूलभूत आवश्यकता है, और जो लोग अवैध रूप से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, वे सिर्फ कानून नहीं तोड़ रहे. बल्कि नैतिक जिम्मेदारी से भी भाग रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


पेयजल दुरुपयोग पर मिलेगा दंड


इस अभियान का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं है. बल्कि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना भी है. निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी चाहिए और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए.


भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की तैयारी


नगर निगम की योजना है कि आगे भी ऐसे सभी क्षेत्रों की पहचान कर वहां छापेमारी की जाएगी जहां पेयजल का अवैध या अनुचित इस्तेमाल हो रहा है. इसके लिए निगम ने एक विचारशील और सख्त नीति अपनाई है ताकि आने वाले वर्षों में जल संकट से निपटा जा सके.

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