Petrol-Diesel Price: अगर आप भी हर दिन अपनी गाड़ी या बाइक से सफर करते हैं और तेल के बढ़ते खर्च से परेशान हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है. आज 22 जून 2025 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ समय से लगातार गिर रही हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव
दुनियाभर में इन दिनों कच्चे तेल की कीमतों में हलचल बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट का असर फिलहाल भारत के रिटेल बाजार पर नहीं पड़ा है. सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल के दामों में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं किया गया है. इससे उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है, जबकि वैश्विक स्तर पर कीमतें कम हो रही हैं.
रोज़ सुबह तय होते हैं रेट
भारत में हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई दरें तय की जाती हैं. हालांकि पिछले कई महीनों से देशभर में रेट एक जैसे बने हुए हैं. तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की निगरानी करती हैं, लेकिन रेट में बदलाव तभी होता है जब केंद्र सरकार नीति में संशोधन करती है.
देश के प्रमुख शहरों में 22 जून के पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
देश के कुछ बड़े शहरों में आज के रेट इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 104.21 | 92.15 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
| बेंगलुरु | 102.35 | 88.95 |
| जयपुर | 108.48 | 93.72 |
इन रेट्स में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है.
कच्चे तेल की कीमत घटी
वजह कई हैं. भारत में पेट्रोल और डीजल पर केंद्र और राज्य सरकारें भारी टैक्स लगाती हैं.
एक्साइज ड्यूटी, वैट और डीलर कमीशन जोड़ने के बाद रेट काफी ज्यादा हो जाते हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भले ही कच्चा तेल सस्ता हो. लेकिन टैक्स स्ट्रक्चर के कारण इसका फायदा आम जनता को तुरंत नहीं मिल पाता.
पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे जानें?
अगर आप प्रतिदिन अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें चेक करना चाहते हैं, तो इन विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:
इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट (https://iocl.com)
BPCL और HPCL के मोबाइल ऐप्स
SMS सेवा के माध्यम से (IOC <डीलर कोड> 9224992249 पर भेजें)
आने वाले दिनों में मिल सकती है राहत?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें और गिरती हैं और भारत में अगले कुछ हफ्तों में आर्थिक नीतियों में बदलाव होता है, तो सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती है. फेस्टिव सीजन से पहले भी रेट में संशोधन की संभावना जताई जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.