Subsidized Oil Price :डिपुओं में जुलाई से सस्ता मिलेगा सरसों और रिफाइंड तेल, इन परिवारों को होगा सीधा फायदा

Saroj kanwar
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Subsidized Oil Price: हिमाचल प्रदेश में महंगाई से परेशान लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है. राज्य सरकार डिपुओं के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को सस्ता खाद्य तेल उपलब्ध कराने की तैयारी में है. सरसों के तेल के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और इस बार इसके दाम पिछली बार की तुलना में कम आए हैं. वहीं, रिफाइंड तेल की कीमत में भी गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे APL और BPL परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा.

बढ़ती महंगाई के बीच डिपुओं में राहत की तैयारी


राज्य में खाद्य वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में हिमाचल सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ज़रिए डिपुओं में सरसों और रिफाइंड तेल सस्ते दर पर देने की योजना बनाई है. इससे लगभग 20 लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलने की संभावना है.

सरसों के तेल का टेंडर खुला


स्टेट लेवल परचेज कमेटी द्वारा सरसों के तेल का टेंडर खोला गया है, जिसमें इस बार के रेट पिछली बार के मुकाबले कम हैं. इस प्रस्ताव को सरकार के पास अप्रूवल के लिए भेजा गया है और उम्मीद है कि जुलाई से सरसों का तेल 5 से 7 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिलेगा.


वर्तमान रेट (सरकारी डिपो में):

APL और BPL परिवार: ₹146/लीटर
APL टैक्सपेयर: ₹153/लीटर
संभावित नया रेट (टेंडर के बाद):
₹139 से ₹141 प्रति लीटर तक मिलने की संभावना.


रिफाइंड तेल की कीमत भी घटेगी


सरसों के तेल की आपूर्ति में कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने इस महीने डिपुओं में रिफाइंड तेल उपलब्ध कराया है. इसके लिए 15 लाख लीटर रिफाइंड तेल का ऑर्डर दिया गया था, जो अब 121 होलसेल गोदामों में पहुंच चुका है और वहां से डिपुओं तक भेजा जा रहा है.


वर्तमान रेट (रिफाइंड तेल):

APL और BPL परिवार: ₹134/लीटर
APL टैक्सपेयर: ₹140/लीटर
केंद्र सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी घटाए जाने के बाद बाजार में रिफाइंड सस्ता हुआ है, जिसके बाद राज्य सरकार ने सप्लायर्स को कीमत घटाने के निर्देश दिए हैं. अनुमान है कि रेट 3 से 5 रुपये तक घट सकते हैं.

हिमाचल में राशन कार्ड धारकों की स्थिति


राज्य में कुल 19.40 लाख राशन कार्ड धारक परिवार हैं. जिन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ता राशन मिलता है. वर्गवार आंकड़ा इस प्रकार है:

श्रेणीसंख्या
APL11,32,818
APL टैक्स पेयर60,870
BPL2,80,300
प्राइमरी हाउस होल्ड (PHH)3,05,072
अंत्योदय अन्न योजना (AAY)1,61,908
कुल राशन कार्ड19,40,968

इनमें से अधिकांश परिवार ऐसे हैं जो बाजार से महंगे रेट पर तेल खरीदने में असमर्थ हैं, इसलिए डिपो के ज़रिए मिलने वाली राहत उनके लिए बेहद जरूरी है.

कब से मिल सकती है नई दरों पर सप्लाई?


सरसों के तेल के नए रेट की मंजूरी सरकार से मिलनी बाकी है. लेकिन अगले कुछ दिनों में स्वीकृति मिल सकती है. इसके बाद जुलाई महीने से नए रेट पर तेल की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है. रिफाइंड तेल के रेट में भी बदलाव अगले सप्लाई शेड्यूल के साथ संभव है. क्योंकि सप्लायर को नई कीमतों के अनुसार बिल जमा करने को कहा गया है.

क्यों जरूरी है यह कदम?


सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर 90% आबादी निर्भर
लगातार बढ़ रही महंगाई से जनता परेशान है
बाजार में सरसों और रिफाइंड तेल की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर
सरकारी डिपो के जरिए सस्ती आपूर्ति गरीब और मध्यम वर्ग को सीधी राहत देती है

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