Traffic Police Towed Vehicle: अक्सर ऐसा होता है कि हम जल्दी में गाड़ी कहीं भी खड़ी कर देते हैं और कुछ देर बाद लौटने पर पाते हैं कि गाड़ी वहां नहीं है. कई बार ये नो पार्किंग जोन होता है और ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी उठा कर ले जाती है. लेकिन इसके बाद लोग सबसे ज्यादा परेशान इसी बात से होते हैं कि गाड़ी आखिर गई कहां है और कैसे मिलेगी वापस. आज हम आपको बता रहे हैं कि यदि आपकी गाड़ी ट्रैफिक पुलिस द्वारा टो कर ली जाती है तो उसे कैसे ट्रैक करें. कहां संपर्क करें और कितना जुर्माना देना पड़ सकता है.
नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर क्या होता है?
अगर आप अपनी कार या बाइक को नो पार्किंग जोन में खड़ी कर देते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस उसे मौके से टो करके अपने इम्पाउंड यार्ड (Impound Yard) में ले जाती है. ये अभियान अक्सर बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, या व्यस्त सड़कों पर चलाया जाता है. जहां पर नो पार्किंग के संकेत लगे होते हैं या फिर भीड़ के कारण सड़क बाधित होती है.
आपकी गाड़ी को कहां ले जाया गया है? ऐसे लगाएं पता
अगर आपको शक है कि आपकी गाड़ी ट्रैफिक पुलिस उठा कर ले गई है, तो घबराएं नहीं. आप नीचे दिए गए तरीकों से इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
ट्रैफिक पुलिस का टोल फ्री नंबर करें कॉल
हर राज्य की ट्रैफिक पुलिस के पास एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर होता है.
आपको बस अपना गाड़ी नंबर बताना होता है, और पुलिस अधिकारी आपको बताएंगे कि आपकी गाड़ी कहां है.
नजदीकी ट्रैफिक पुलिस स्टेशन पर जाएं
यदि कॉल से मदद नहीं मिलती है, तो आप अपने क्षेत्र के ट्रैफिक पुलिस स्टेशन जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
वहां से आपको बताया जाएगा कि गाड़ी किस यार्ड में खड़ी की गई है.
ऑनलाइन ट्रैकिंग पोर्टल्स का करें इस्तेमाल
कई शहरों में अब डिजिटल सिस्टम है जहां आप ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर जाकर गाड़ी नंबर डालकर स्थिति देख सकते हैं.
कहां ले जाई जाती हैं टो की गई गाड़ियां?
गाड़ी को उठाने के बाद ट्रैफिक पुलिस उसे नजदीकी RTO ऑफिस या ट्रैफिक इम्पाउंड यार्ड में ले जाती है. ये यार्ड हर शहर में होते हैं और पुलिस स्टेशन से इसकी जानकारी मिल जाती है.
गाड़ी छुड़ाने के लिए क्या करना होता है?
अगर आपकी गाड़ी इम्पाउंड हो गई है, तो आपको एक निश्चित राशि का जुर्माना भरना होगा. यह जुर्माना गाड़ी के प्रकार और उल्लंघन की स्थिति पर निर्भर करता है:
| वाहन प्रकार | संभावित जुर्माना |
|---|---|
| दोपहिया वाहन | ₹300 – ₹500 |
| चारपहिया वाहन | ₹1000 – ₹2000 |
जुर्माना भरने के बाद आपको चालान की रसीद दी जाती है.
फिर आपको वाहन यार्ड में जाकर अपनी गाड़ी प्राप्त करनी होती है.
कुछ मामलों में, अगर कोर्ट चालान किया गया है, तो आपको पहले कोर्ट से जुर्माना भरना पड़ सकता है.
जुर्माने से बचने के लिए क्या रखें ध्यान?
हमेशा वैध पार्किंग क्षेत्र में ही गाड़ी खड़ी करें.
यदि कहीं नो पार्किंग का बोर्ड न दिख रहा हो, तो भी आसपास की स्थिति देखकर सावधानी बरतें.
भीड़भाड़ वाले बाजार, मॉल्स या सार्वजनिक स्थलों पर ज्यादा सतर्कता रखें.
आजकल कई जगह कैमरे से निगरानी होती है, और पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है.
ये गलती न करें वरना लग सकता है भारी जुर्माना
पुनरावृत्ति पर दोगुना जुर्माना या वाहन सीज़ तक किया जा सकता है.
फुटपाथ, बस स्टॉप, अस्पताल, स्कूल के सामने गाड़ी पार्क करना गैरकानूनी है.
कई बार लोग “थोड़ी देर के लिए ही खड़ी की थी” सोचकर नो पार्किंग में गाड़ी छोड़ जाते हैं, जो भारी पड़ सकता है.