भारतीय रेलवे ने विकलांग व्यक्तियों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की है जिसे “विकलांग रेलवे पास” के नाम से जाना जाता है। यह पास विकलांग यात्रियों को रेल यात्रा में विशेष छूट और सुविधाएं प्रदान करता है।इस पहल का उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों के लिए रेल यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।
2025 तक, भारतीय रेलवे इस पास के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की योजना बना रहा है। इससे विकलांग व्यक्तियों पास के लिए रेल यात्रा आवेदन करने की मदद मिलेगी। इस लेख में विकलांग रेलवे पास के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे बताएंगे कि आप कैसे आप इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विकलांग रेलवे पास क्या है ?
विकलांग रेलवे पास एक विशेष प्रकार का रेलवे पास है जो विकलांग व्यक्तियों को रेल में यात्रा और विशेष सुविधाएं प्रदान करता है। इस पास विकलांग व्यक्तियों को सम्मान और समानता के साथ यात्रा करने में सहायता देता है।
विलंग रेलवे पास के लिए पात्रता
विकलांग रेलवे पास के लिए पात्र होने के लिए, आवेदक को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा
आवेदक को कम से कम 40% विकलांगता होनी चाहिए।
विकलांगता प्रमाण पत्र एक मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल या संस्थान से जारी किया गया होना चाहिए।
आवेदक के पास वैध आधार कार्ड होना चाहिए।
आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
विकलांग रेलवे पास के प्रकार
विकलांग रेलवे पास दो प्रकार के होते हैं:
एक वर्षीय पास: यह पास एक वर्ष के लिए वैध होता है और इसे हर साल नवीनीकृत करना पड़ता है।
पांच वर्षीय पास: यह पास पांच वर्ष के लिए वैध होता है और इसे पांच साल बाद नवीनीकृत करना पड़ता है।
विकलांग रेलेव पास के लाभ
विकलांग रेलवे पास धारकों को कई लाभ मिलते हैं:
किराए में छूट -पास धारको को किराए में 50% से 75% तक की छूट मिलती है जो विकलांग प्रकार औरश्रेणी पर निर्भर करता है। सहायक यात्री – पास धारक एक सहायक यात्री के साथ यात्रा करता है जिसे भी छूट का लाभ मिलता है।
विशेष आरक्षण कोटा – विकलांग यात्री के लिए विशेष आरक्षण कोटा उपलब्ध है।
सुलभ सुविधाएं – रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में व्हीलचेयर रैंप, विशेष शौचालय और अन्य सुलभ सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्राथमिकता वाली सीटें: विकलांग यात्रियों के लिए प्राथमिकता वाली सीटें आरक्षित की जाती हैं।
आवेदन के लिए आप रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं ..