लघु बचत योजनाएँ: सरकार जल्द ही पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए नई ब्याज दरों की घोषणा 31 मार्च तक होने की संभावना है। फिलहाल, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने कुछ समय से इन योजनाओं की ब्याज दरों को स्थिर रखा है, जिसका अर्थ है कि निवेशकों को अभी भी वही पुरानी दरें मिल रही हैं।
वर्तमान में, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% की ब्याज दर, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर 7.1% और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर 7.7% की ब्याज दर मिलती है। इसके अतिरिक्त, किसान विकास पत्र पर 7.5%, मासिक आय योजना पर 7.4% और डाकघर सावधि जमा पर 7.1% की ब्याज दर मिलती है। बचत खातों पर ब्याज दर 4% है।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2%
सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ): 7.1%
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी): 7.7%
किसान विकास पत्र: 7.5% (115 महीनों में परिपक्वता)
मासिक आय योजना: 7.4%
तीन वर्षीय डाकघर सावधि जमा: 7.1%
डाकघर बचत खाता: 4%
सरकार इन योजनाओं पर ब्याज दरों का मूल्यांकन हर तिमाही में करती है। यह निर्णय सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले प्रतिफल से प्रभावित होता है। यदि बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लघु बचत योजनाओं की दरें भी बढ़ सकती हैं।
हालांकि, इस बार यह निर्णय चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव, मुद्रास्फीति और बाजार में अस्थिरता जैसे वैश्विक कारक स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं। सरकार को ब्याज दरों में संभावित वृद्धि और इसकी लागत तथा वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना होगा।
इन योजनाओं में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाएं दीर्घकालिक निवेश के लिए बेहतर मानी जाती हैं क्योंकि ये सुरक्षित और निश्चित प्रतिफल प्रदान करती हैं। एनएससी और मासिक आय योजनाएं नियमित आय चाहने वालों के लिए अधिक उपयुक्त हैं।