राशन कार्ड ई-केवाईसी अपडेट: खाद्य विभाग ने देशभर के राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त गेहूं और चावल प्राप्त करने वालों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा न करने पर राशन कार्ड से नाम हटाया जा सकता है।
सरकार ने ई-केवाईसी की अंतिम तिथि निर्धारित की
सरकारी निर्देशों के अनुसार, राशन कार्ड में सूचीबद्ध परिवार के प्रत्येक सदस्य का सत्यापन अनिवार्य है। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान, सभी सदस्यों को अपने आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक करना होगा और अपनी बायोमेट्रिक पहचान पंजीकृत करनी होगी। जिनका सत्यापन पूरा नहीं होगा, वे भविष्य में राशन का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
बायोमेट्रिक सत्यापन क्यों आवश्यक है?
सरकार का उद्देश्य राशन प्रणाली में अनियमितताओं को रोकना है। कई मामलों में, राशन कार्डों पर ऐसे लोगों के नाम पाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो दूसरे स्थान पर चले गए हैं। ई-केवाईसी के माध्यम से, ऐसे फर्जी और अपात्र नामों को हटाया जाएगा ताकि सरकारी सहायता केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।
ई-केवाईसी समय पर न कराने पर क्या होगा?
यदि ई-केवाईसी निर्धारित तिथि तक पूरा नहीं होता है, तो विभाग संबंधित सदस्यों को अपात्र मान सकता है। ऐसे में, उनके नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकते हैं। इससे परिवार को मिलने वाले मासिक राशन पर सीधा असर पड़ेगा और मुफ्त अनाज की मात्रा कम हो सकती है।
ई-केवाईसी कहां और कैसे कराएं?
ई-केवाईसी प्रक्रिया बहुत सरल है। किसी भी सरकारी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस अपने नजदीकी राशन विक्रेता के पास जाना है। राशन कार्ड की मूल प्रति और परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। वहां मशीन द्वारा बायोमेट्रिक पहचान सत्यापित की जाएगी। सरकार इस प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं ले रही है, यानी यह पूरी तरह से निःशुल्क है।