माता-पिता अक्सर अपने बच्चों की शिक्षा, भविष्य या शादी के खर्चों के लिए सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में रहते हैं। बाज़ार में कई तरह की योजनाएँ उपलब्ध हैं, लेकिन सही योजना चुनना हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक ऐसी योजना है जो न केवल पूरी तरह सुरक्षित है, बल्कि लंबी अवधि में बेहतरीन रिटर्न भी देती है। यही वजह है कि लाखों परिवार इसे पसंद करते हैं।
पीपीएफ को सबसे सुरक्षित निवेश क्यों माना जाता है?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी बचत योजना है जिसमें जमा राशि पर सरकार की पूरी गारंटी होती है। इससे नुकसान या हानि का जोखिम समाप्त हो जाता है। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो बिना किसी बाजार जोखिम के सुनिश्चित और स्थिर रिटर्न चाहते हैं।
पीपीएफ कर-मुक्त रिटर्न प्रदान करता है
पीपीएफ न केवल सुरक्षित है, बल्कि ब्याज और परिपक्वता राशि दोनों ही कर-मुक्त हैं। निवेश जगत में ऐसी सुरक्षित और कर-मुक्त योजनाएं बहुत कम हैं। यही कारण है कि इसे बच्चों की शिक्षा, विवाह या सेवानिवृत्ति योजना के लिए एक बेहद विश्वसनीय विकल्प माना जाता है।
ब्याज दर और निवेश सुविधा
पीपीएफ वर्तमान में 7.1 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दर प्रदान करता है, जो कई बैंकों की सावधि जमा योजनाओं से अधिक है। इसकी अनूठी विशेषता यह है कि निवेशक अपनी सुविधानुसार एकमुश्त या किश्तों में जमा कर सकते हैं। न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति वर्ष जमा किए जा सकते हैं।
एक मज़बूत दीर्घकालिक विकल्प
पीपीएफ की अवधि 15 वर्ष होती है। इसके बाद, निवेशक चाहें तो खाते को आगे बढ़ा सकते हैं। यदि वे नई धनराशि जमा नहीं भी करते हैं, तो भी पुरानी राशि पर ब्याज मिलता रहेगा। समय के साथ, यह राशि काफी बड़ी हो सकती है और सेवानिवृत्ति के बाद स्थिर आय का स्रोत बन सकती है।
15 वर्षों में कितना फंड बनेगा
यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹5,000 जमा करता है, तो 15 वर्षों में कुल निवेश ₹9 लाख हो जाएगा। ब्याज सहित यह राशि लगभग ₹16.27 लाख हो जाती है। इस राशि पर मिलने वाले ब्याज से लगभग ₹9,628 प्रति माह की अतिरिक्त आय हो सकती है।
इसी प्रकार, यदि 15 वर्षों तक हर महीने ₹12,500 का निवेश किया जाए, तो खाते में लगभग ₹40.68 लाख जमा हो सकते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी, इस राशि पर प्रति वर्ष लगभग ₹2.88 लाख का ब्याज या लगभग ₹24,000 प्रति माह की आय हो सकती है।
खाता खोलने की प्रक्रिया
इस योजना में शामिल होने के लिए, अपने नज़दीकी डाकघर या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में पीपीएफ खाता खोलें। प्रक्रिया सरल है और न्यूनतम ₹500 का वार्षिक निवेश आवश्यक है। माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इसे एक बेहतरीन विकल्प मान सकते हैं।