₹1000 पीएफ राशि क्रेडिट अपडेट: कब आएगा, किसे मिलेगा लाभ? पूरी जानकारी अभी देखें

Saroj kanwar
3 Min Read

निष्क्रिय ईपीएफ खातों की वापसी: श्रम मंत्रालय ने देश के लाखों कामकाजी लोगों के लिए खुशखबरी दी है। अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी पुरानी नौकरी छोड़ते समय कम बैलेंस वाले अपने पीएफ खातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण करोड़ों रुपये सिस्टम में फंसे रह जाते हैं। अब सरकार ने फैसला किया है कि 1000 रुपये या उससे कम जमा वाले सभी ‘निष्क्रिय’ ईपीएफ खातों में स्वतः ही राशि वापस कर दी जाएगी। सबसे राहत की बात यह है कि इस पैसे को पाने के लिए आपको किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पैसा अपने आप आ जाएगा।

क्या आपका खाता भी ‘निष्क्रिय’ है?
पीएफ नियमों के अनुसार, यदि किसी खाते में कर्मचारी या कंपनी द्वारा लगातार 36 महीनों, यानी 3 वर्षों तक कोई नया योगदान जमा नहीं किया जाता है, तो उसे ‘निष्क्रिय’ माना जाता है। वर्तमान में, ईपीएफ में लगभग 31.86 लाख खाते हैं, जिनमें 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। सरकार ने शुरुआत में 1,000 रुपये से कम बैलेंस वाले 7.11 लाख खातों का चयन किया है। इन खातों में जमा कुल 30.52 करोड़ रुपये सीधे ग्राहकों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाएंगे।
पैसा प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है?
श्रम मंत्रालय ने फैसला किया है कि इसके लिए किसी कागजी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होगी। पैसा सीधे उन खाताधारकों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा जिनके पीएफ खाते आधार कार्ड से जुड़े हैं और जिनके बैंक विवरण (केवाईसी) अपडेटेड हैं। यदि मुख्य खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो यह पैसा उनके कानूनी उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।

यह पैसा कब तक उपलब्ध होगा?
यह योजना एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। सफल होने पर, पैसा शेष निष्क्रिय खातों तक पहुंच जाएगा।

ईपीएफओ 3.0 के तहत, निपटान 3 दिनों के भीतर किया जाएगा।
सरकार न केवल पुराने खातों को साफ कर रही है, बल्कि पूरी प्रणाली को “हाई-टेक” भी बना रही है। “ईपीएफओ 3.0” परियोजना के तहत कुछ बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद, पीएफ दावों के निपटान का समय 20 दिनों से घटकर मात्र 3 दिन रह जाएगा।

शिकायतों का त्वरित समाधान
मंत्रालय नियमित रूप से पीएफ ग्राहकों की शिकायतों की समीक्षा कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में भी बड़ी राशि वाले निष्क्रिय खातों का निपटान इसी तरह किया जाए। इस कदम से न केवल ईपीएफओ का पुराना डेटाबेस साफ होगा, बल्कि लाखों कर्मचारियों को बिना किसी परेशानी के अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने में भी मदद मिलेगी।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *