हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति के नियमों में संशोधन, अब सेवानिवृत्ति के बाद इतने सालों के लिए हो सकेगी नियुक्ति

Saroj kanwar
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Haryana news : हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्ति में संबंधित संशोधन दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के नियम 143 के अनुसार केवल असाधारण या अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में ही 58 साल के बाद अधिकतम 2 वर्ष तक दोबारा नियुक्ति की अनुमति दी गई है।

हरियाणा सरकार ने एक कमेटी का पुनर्गठन किया है जो प्रस्तावों पर विचार के लिए हर महीने एक निश्चित तिथि को बैठक करेगी।

नए नियमों से जूनियर कर्मचारियों के प्रमोशन पर नहीं पड़ेगा कोई असर

संशोधित आदेश के अंतर्गत, प्रशासनिक विभाग यह तय करेंगे कि किन परिस्थितियों में रिटायर अधिकारियों या कर्मचारियों की सेवाएं रिटायरमेंट के बाद भी आवश्यक हैं। री-इम्प्लॉयमेंट केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा, जहां सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति के लिए यह जरूरी हो और जहां कनिष्ठ कर्मचारियों की पदोन्नति की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। संबंधित अधिकारी का सेवा रिकॉर्ड अच्छा होना अनिवार्य है।

मंत्री-प्रभारी की परमिशन

जरूरी : प्रशासनिक विभाग को अपने मंत्री-प्रभारी की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद संबंधित मामले मानव संसाधन विभाग (मानव संसाधन-1 शाखा) को भेजने होंगे। इसके बाद समिति अपनी सिफारिशें संबंधित प्रशासनिक विभाग को भेजेगी। तत्पश्चात संबंधित विभाग वित्त विभाग की सहमति प्राप्त कर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही री-एम्प्लॉयमेंट आदेश जारी करेंगे।

इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे निर्देश : ये निर्देश उन कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं होंगे, जिनकी री-एम्प्लॉयमेंट की अवधि अपेक्षित अनुमोदन के बाद भी, उनकी वर्तमान री-एम्प्लॉयमेंट की समाप्ति तक जारी है। साथ ही, स्वास्थ्य तथा ईएसआई विभाग के चिकित्सकों के मामले में सेवानिवृत्ति और री-एम्प्लॉयमेंट की अवधि संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं या निर्देशों के अनुसार निर्धारित होगी।

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