भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन कई लोग हर महीने सिर्फ “मिनिमम ड्यू अमाउंट” यानी न्यूनतम देय राशि का ही भुगतान करते हैं। यह आदत सही नहीं है क्योंकि इससे आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। अगर क्रेडिट स्कोर बिगड़ता है, तो भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो सकता है। क्रेडिट स्कोर अच्छा बनाए रखने के लिए कोशिश करें कि हर महीने पूरा बकाया समय पर चुका दें। इससे न सिर्फ ब्याज से बचेंगे, बल्कि आपका फाइनेंशियल रिकॉर्ड भी अच्छा बना रहेगा।
क्रेडिट स्कोर पर इसका क्या असर पड़ता है?
क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) बढ़ जाता है:
अगर आप हर बार सिर्फ मिनिमम ड्यू ही भरते हैं, तो आपकी बकाया रकम धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो भी बढ़ जाता है।
यह रेशियो बताता है कि आपने अपनी कुल क्रेडिट लिमिट में से कितना हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है। अगर ये रेशियो 30% से ज्यादा हो जाता है, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है। अच्छा स्कोर बनाए रखने के लिए CUR हमेशा 30% से कम रखना चाहिए।
भुगतान इतिहास पर असर
अगर आप हर महीने पूरी बकाया राशि नहीं चुकाते और सिर्फ मिनिमम ड्यू ही भरते हैं, तो बैंक आपको “रिवॉल्विंग क्रेडिट यूजर” मानता है। इसका मतलब होता है कि आप अपनी पूरी देनदारी समय पर नहीं चुका रहे हैं। इससे आपके भुगतान इतिहास पर असर पड़ता है और धीरे-धीरे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है।
कर्ज का बोझ बढ़ सकता है
अगर आप हर महीने सिर्फ “मिनिमम ड्यू” ही भरते हैं, तो बकाया रकम पर लगातार ब्याज जुड़ता रहता है। इससे आपका कुल कर्ज धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। अगर ये कर्ज बहुत ज्यादा हो गया और आपकी क्रेडिट लिमिट पूरी भर गई, तो यह भी आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।
तो फिर क्या करें?
कोशिश करें कि हर महीने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल समय पर चुका दें। इससे ब्याज नहीं लगेगा और आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन भी संतुलित रहेगा।अगर किसी महीने पूरा बिल चुकाना संभव नहीं है, तो कम से कम “मिनिमम ड्यू” से ज्यादा भुगतान जरूर करें। आप चाहें तो EMI का विकल्प भी चुन सकते हैं। EMI में ब्याज दर थोड़ी कम होती है और आपको रकम चुकाने में भी आसानी होती है।
याद रखें
क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। मिनिमम ड्यू पर बार-बार निर्भर रहना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। अगर आप समय पर और सही तरीके से भुगतान करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा बना रहेगा और भविष्य में लोन या क्रेडिट की जरूरत पड़ने पर आपको कोई दिक्कत नहीं होगी।