व्हाट्सएप फोटो घोटाला: साइबर जालसाज अब अपने घोटालों के लिए सीधे कॉल या फर्जी वेबसाइटों तक ही सीमित नहीं हैं। उन्होंने व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस नए घोटाले में, एक साधारण सी दिखने वाली तस्वीर भेजी जाती है। हालांकि, तस्वीर के अंदर एक खतरनाक कोड छिपा होता है, जो उपयोगकर्ता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
फोटो के अंदर वायरस कैसे छिपा होता है?
इस घोटाले में हैकर्स स्टेग्नोग्राफी नामक एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इस तकनीक के ज़रिए मैलवेयर या वायरस को फोटो के अंदर छिपा दिया जाता है। जब कोई व्यक्ति फोटो डाउनलोड करता है या खोलता है, तो वायरस उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना ही डिवाइस पर अपने आप इंस्टॉल हो जाता है।
वायरस इंस्टॉल होने के बाद क्या होता है?
एक बार वायरस सक्रिय हो जाने पर, यह कई खतरनाक काम कर सकता है। यह बैंक खाते की जानकारी, लॉगिन विवरण, पासवर्ड और वन-टाइम पासवर्ड (OTP) चुरा सकता है। कुछ मामलों में, यह वायरस स्कैमर्स को फोन या कंप्यूटर का रिमोट कंट्रोल दे देता है, जिससे उन्हें आपकी व्यक्तिगत जानकारी और पैसे दोनों तक पहुंच मिल जाती है।
साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट कहां करें
यदि किसी को ऐसी धोखाधड़ी का संदेह हो या वह इसका शिकार हो जाए, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकता है। समय पर शिकायत करने से नुकसान को रोका जा सकता है।