पीपीएफ निवेश योजना: सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) देश की सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश योजनाओं में से एक मानी जाती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से अप्रभावित रहती है। पीपीएफ में किया गया निवेश पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आता है, इसलिए जोखिम नगण्य है।
पीपीएफ का एक और प्रमुख लाभ यह है कि यह कई कर लाभ प्रदान करता है। जमा की गई राशि आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर छूट के लिए पात्र है। इसके अलावा, पीपीएफ खाते पर अर्जित ब्याज और परिपक्वता पर प्राप्त पूरी राशि पूरी तरह से कर मुक्त है।
पीपीएफ में कितना निवेश किया जा सकता है?
पीपीएफ खाते में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष निवेश किए जा सकते हैं। यह निवेश मासिक या वार्षिक रूप से एकमुश्त किया जा सकता है। वर्तमान में, सरकार पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर दे रही है। यह दर कई बैंकों की सावधि जमा दरों से बेहतर मानी जाती है।
पीपीएफ की मूल अवधि 15 वर्ष है। हालांकि, यदि खाता परिपक्व होने के बाद पैसा निकालने की आवश्यकता नहीं है, तो इसे 5-5 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए निवेशक को निर्धारित फॉर्म भरना होगा।
हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये से कैसे बड़ी धनराशि बनाई जा सकती है?
यदि कोई व्यक्ति अपने पीपीएफ खाते में हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये जमा करता है, तो उसका वार्षिक निवेश 12,000 रुपये होगा। मान लीजिए कि आपने 25 वर्ष की आयु में पीपीएफ में निवेश करना शुरू किया और 60 वर्ष की आयु तक, यानी लगभग 35 वर्षों तक, हर महीने 1,000 रुपये जमा करते रहे। इस अवधि के दौरान, आपका कुल निवेश लगभग 4.20 लाख रुपये होगा।
वर्तमान ब्याज दर के अनुसार, जब आप 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होंगे, तो पीपीएफ की परिपक्वता पर आपको लगभग 18.14 लाख रुपये प्राप्त हो सकते हैं। इस राशि में से लगभग 14 लाख रुपये ब्याज के रूप में होंगे, और पूरी राशि कर-मुक्त होगी।
ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना
फिलहाल, सरकार ने इस तिमाही में पीपीएफ और अन्य लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद रेपो दर में बदलाव की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो सरकार पर लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव पड़ सकता है, जिससे भविष्य में पीपीएफ निवेशकों को और भी बेहतर लाभ मिल सकता है।