सफलता की कहानी – लोगों ने इसे पूरी तरह से बेकार उद्यम कहा था, लेकिन शिवम ने इसे सफल बना दिया। दसवीं पास इस युवक ने लाखों के कारोबार वाला व्यवसाय खड़ा किया।

Saroj kanwar
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सफलता की कहानी: आम तौर पर यह माना जाता है कि अच्छी शिक्षा और उच्च डिग्री ही सफलता की गारंटी हैं, लेकिन वैशाली जिले के युवा उद्यमी शिवम ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। केवल दसवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बावजूद, उन्होंने कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से अपना सफल नर्सरी व्यवसाय स्थापित किया। आज वे इस व्यवसाय से सालाना लाखों रुपये कमाते हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए आशा की किरण है जो संसाधनों या शिक्षा की कमी के कारण अपने सपनों को साकार करने से डरते हैं।

एक साधारण किसान परिवार से शुरू हुआ सफर

शिवम एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ होने के कारण उन्होंने जीवन में कुछ अलग करने का फैसला किया। अपने गाँव के कृषि प्रधान वातावरण को देखते हुए, उन्होंने पौधशाला का व्यवसाय शुरू करने का विचार किया। शुरुआत में उनके परिवार और पड़ोसियों ने इसे जोखिम भरा काम माना, लेकिन शिवम अपने निर्णय पर अडिग रहे। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया, यूट्यूब वीडियो देखे और कृषि मेलों में जाकर नई तकनीकों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद उन्होंने छोटे पैमाने पर अपनी पौधशाला शुरू की।

फल और सजावटी पौधों के साथ व्यवसाय का विस्तार

शुरुआत में, शिवम ने फल और सजावटी पौधों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आम, लीची, अमरूद और पपीता जैसे फलों के पौधों के साथ-साथ गुलाब, गेंदा और अन्य फूलों के पौधे उगाना शुरू किया। धीरे-धीरे, उनके पौधों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण, उनकी नर्सरी को आसपास के गांवों और ब्लॉक स्तर पर पहचान मिली। अब, न केवल किसान बल्कि घर पर बागवानी करने वाले लोग भी उनसे पौधे खरीदने आते हैं। वर्तमान में, उनकी नर्सरी में हजारों पौधे उगाए जाते हैं।
आधुनिक तकनीक से पौधों की गुणवत्ता में सुधार

शिवम ने अपने व्यवसाय में आधुनिक पद्धतियों को अपनाया है। वे पॉलीबैग तकनीक, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और जैविक उर्वरकों का उपयोग करते हैं। इन पद्धतियों से पौधों की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाज़ार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। शिवम के अनुसार, वे एक ही मौसम में कई लाख रुपये की बिक्री करते हैं, जबकि लागत सीमित रहती है। यही कारण है कि उनका मुनाफा लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का स्रोत

शिवम न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को भी अपने उद्यम में शामिल कर रहे हैं। उनकी नर्सरी में कई स्थानीय युवा कार्यरत हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है, बल्कि गांव की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।

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