मध्य प्रदेश में श्रमिकों के लिए संबल योजना महत्वपूर्ण है। असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है। अब इस योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। राज्य सरकार आयु सत्यापन प्रक्रिया के लिए सख्त कदम उठा रही है।
इस योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। राज्य सरकार अब श्रमिकों की आयु का निर्धारण उनके आधार कार्ड से नहीं करेगी। इसकी जगह कुछ अन्य दस्तावेज़ मान्य होंगे। राज्य सरकार के श्रम विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अब आधार कार्ड के आधार पर आयु की गणना नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि अब मान्य नहीं होगी। इसके बजाय, अगर श्रमिक ने कोई शिक्षा पूरी की है, तो उस शैक्षणिक दस्तावेज़ में दर्ज जन्मतिथि ही मान्य होगी।
ये दस्तावेज़ आयु सत्यापन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
श्रम विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि किसी श्रमिक की आयु प्रमाणित करने के लिए, परीक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र या अंकतालिका में दर्ज जन्मतिथि मान्य होगी। इसके अलावा, अंतिम बार जिस विद्यालय में अध्ययन किया था, उसका स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र भी मान्य होगा। इसके अतिरिक्त, जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा जारी प्रमाण पत्र और ग्राम पंचायत या मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी मान्य माने जाएँगे।
श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया कि यदि ये दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं, तो सरकारी सेवा में सहायक शल्य चिकित्सक के पद से नीचे के किसी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र स्वीकार किया जाएगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि इन चारों दस्तावेज़ों या स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आयु संबंधी अन्य अभिलेखों की जाँच के बाद ही गुण-दोष के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
योजना का महत्व
संबल योजना राज्य के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। यह जन्म से मृत्यु तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। राज्य सरकार निर्माण मंडल के माध्यम से लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएँ भी संचालित करती है। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु पर अनुग्रह सहायता और स्थायी व आंशिक विकलांगता पर सहायता शामिल है। सभी संबल लाभार्थियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना के अंतर्गत पात्र माना गया है।