बाजार में वैवाहिक सीजन की जोरदार ग्राहकी बनी हुई है। खासकर पिस्ता और ड्रायफ्रूट सेगमेंट में डिमांड लगातार बढ़ रही है। व्यापारियों के अनुसार पिस्ता की दिल्ली से आने वाली आवक प्रभावित है और ईरान से आने वाले माल की शार्टेज बढ़ गई है। इसी वजह से इस समय बाजार में तेजी का रुख दिखाई दे रहा है।
शुक्रवार को पिस्ता 2000 से 2025 रुपए तक बिका। नमकीन पिस्ता 1050 से 1150 रुपए और पिशोरी पिस्ता 3150 से 3200 रुपए तक पहुंच गया। डॉलर मजबूत होने और ईरान से आवक में दिक्कतों के कारण दिल्ली सहित देशभर के बाजारों में भी तेजी जारी है। प्रीमियम क्वालिटी खोपरा बूरा व्हील और काजू में भी अच्छी मांग बनी हुई है। उधर, जीरा बाजार में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई। गुजरात और राजस्थान जैसे बड़े उत्पादक क्षेत्रों में मौसम एक जैसा नहीं रहने से बुआई का काम धीमा है।
ऊंझा मंडी में आवक कम है। अच्छी क्वालिटी वाला जीरा लगातार ऊपर जा रहा है। भारत और मिडिल ईस्ट में लॉजिस्टिक और मौसम संबंधी दिक्कतों से सप्लाई भी प्रभावित है। एक्सपोर्ट मांग कम होने से तेजी सीमित है और खरीदार कीमतों को लेकर काफी सतर्क हैं।
उत्पादन 90 से 92 लाख बोरी होने की उम्मीद
जीएसटी काउंसिल द्वारा जीरा पर टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने से घरेलू बाजार में कुछ सकारात्मक असर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि इससे एफएमसीजी सेक्टर की मांग और एक्सपोर्ट प्रतिस्पर्धा को राहत मिलेगी। किसानों के पास अभी करीब 20 लाख बोरी जीरा मौजूद है, जबकि इस सीजन में सिर्फ 3 से 4 लाख बोरी के ट्रेड की उम्मीद है। ऐसे में करीब 16 लाख बैग स्टॉक कैरी-फॉरवर्ड हो सकता है। इस साल जीरे का कुल उत्पादन 90 से 92 लाख बैग रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 1.10 करोड़ बैग की तुलना में कम है। गुजरात में 42 से 45 लाख और राजस्थान में 48 से 50 लाख बैग उत्पादन होने की संभावना जताई जा रही है।