आयकर रिटर्न अपडेट: अगर आप करदाता हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। करदाताओं को हर साल आयकर रिटर्न दाखिल करना होता है। दो बातें करदाताओं को विशेष रूप से परेशान करती हैं: आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि का बार-बार बढ़ना और रिफंड मिलने में लगने वाला लंबा समय। बजट 2026 से पहले, कर विशेषज्ञ इन दोनों समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य कर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आसान बनाना है।
केंद्रीय बजट 2026 के नजदीक आने के साथ ही आयकर सुधारों पर चर्चा तेज हो गई है। 31 जुलाई की समय सीमा का हर साल बढ़ना न केवल लोगों को भ्रमित करता है, बल्कि अंतिम समय में करदाताओं पर अतिरिक्त दबाव भी डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एक निश्चित और स्थायी तिथि निर्धारित कर दी जाए, तो इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
आयकर रिटर्न दाखिल करने की निश्चित समय सीमा क्यों आवश्यक है?
कर विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार समय सीमा बढ़ाए जाने से करदाता समय पर रिटर्न दाखिल करने को हल्के में लेने लगते हैं। यदि सरकार आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त को स्थायी रूप से निर्धारित कर दे, तो इससे लोगों को अपने करों की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इससे वेतनभोगी कर्मचारियों, फ्रीलांसरों और छोटे व्यवसाय मालिकों को रिटर्न दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा। इससे अंतिम दिनों में धीमे सर्वर या तकनीकी समस्याओं जैसी परेशानियां भी कम होंगी।
रिफंड में देरी को लेकर उठे सवाल
आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद रिफंड कब मिलेगा, यह सवाल लगभग हर करदाता के मन में रहता है। इस चिंता को ध्यान में रखते हुए, डेलॉयट इंडिया ने बजट 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। कंपनी का सुझाव है कि आयकर पोर्टल पर एक रीयल-टाइम रिफंड ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया जाना चाहिए, जिससे करदाता हर चरण में अपनी स्थिति को ट्रैक कर सकें।
डेलॉइट के प्रस्ताव के अनुसार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) पोर्टल पर एक अलग डैशबोर्ड होना चाहिए, जहां रिफंड की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। इसमें प्रोसेसिंग, अनुमोदन, बैंक में हस्तांतरण और खाते में जमा होने जैसे सभी चरण, साथ ही प्रत्येक चरण के लिए अनुमानित समय भी शामिल होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, रिफंड में देरी होने पर शिकायत दर्ज करने का एक आसान विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए।
बजट 2026 से करदाताओं की अपेक्षाएं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। करदाताओं को उम्मीद है कि सरकार इस बार आयकर रिटर्न दाखिल करने की निश्चित समय सीमा और रिफंड प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाने जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाएगी। इससे न केवल कर प्रणाली मजबूत होगी बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।