वाराणसी और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन से यात्रा का समय घटकर 3 घंटे रह जाएगा!

Saroj kanwar
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वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन: नई दिल्ली। रविवार, 1 फरवरी, 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया। अपने भाषण में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया जिससे देश की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। वित्त मंत्री ने वाराणसी और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले एक हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर की योजना का खुलासा किया। जिस यात्रा में पहले लगभग 15 घंटे लगते थे, वह अब सिर्फ तीन घंटे में पूरी हो जाएगी। भारत का लक्ष्य इन हाई-स्पीड ट्रेनों को लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाना है।

इस घोषणा के दूरगामी परिणाम होंगे। सिलीगुड़ी में स्थित चिकन नेक, सिलीगुड़ी कॉरिडोर का हिस्सा है। हाल ही में बांग्लादेश ने कई बार चिकन नेक का मुद्दा उठाया है। कुछ बांग्लादेशी अधिकारियों ने तो चिकन नेक को भारत से अलग करने का सुझाव भी दिया है, जिससे 22 किलोमीटर चौड़े इस कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं। इसलिए, बुलेट ट्रेन नेटवर्क में सिलीगुड़ी को शामिल करना बेहद जरूरी है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान तीसरा केंद्रीय बजट पेश किया, जो उनका लगातार नौवां बजट है। 2026-27 के बजट में सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। रेल, विमानन और जल परिवहन क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली घोषणाएं की गईं, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार करना, रसद लागत को कम करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

रेलवे क्षेत्र की एक प्रमुख पहल के तहत, केंद्रीय बजट 2026 में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) की योजनाओं का खुलासा किया गया। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को एक तेज और आधुनिक रेल प्रणाली से जोड़ेंगे। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं।

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