लवकुशनगर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, बीएमओ चौहान ने दिया इस्तीफा

Saroj kanwar
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Chhatarpur News: लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। बीएमओ डॉ. शाक्यवार के स्थानांतरण के बाद डॉ. एसएस चौहान को बीएमओ का कार्यभार दिया गया था, लेकिन उन्होंने 6 अगस्त को सीएचएमओ को इस्तीफा दे दिया। फिलहाल वे अवकाश पर हैं।

]अस्पताल में आठ डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक नियमित और एक बॉन्ड पर नियुक्त डॉक्टर ही कार्यरत हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण रोजाना लगभग 250 मरीजों को ओपीडी में इलाज नहीं मिल पाता। चंदला, सरबई, गौरिहार, टटम और राजनगर जैसे इलाकों के लोग इलाज के लिए लवकुशनगर आते हैं, लेकिन एक डॉक्टर के भरोसे प्रसव, पोस्टमार्टम, सरकारी योजनाओं का काम करना मुश्किल हो गया है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि लवकुशनगर और गौरिहार विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर और अन्य स्टाफ के कई पद खाली हैं। एडवोकेट मनोज सक्सेना ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण लोग मजबूरी में छतरपुर और महोबा जाना पड़ता है, जबकि गरीब लोग इलाज नहीं करा पाते।

हाल ही में एक हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा की तबीयत बिगड़ी। शिक्षक उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर न होने के कारण 45 मिनट तक इलाज नहीं मिल सका। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

सीएचएमओ डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि डॉ. चौहान का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया गया है। 20 अगस्त तक एएनएम और अन्य स्टाफ भेजे जाएंगे। भोपाल से डॉक्टरों की उपलब्धता के लिए बातचीत जारी है और जल्द ही नियमित डॉक्टर भेजे जाएंगे।

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