लड़की बहन योजना चेतावनी: ई-केवाईसी नहीं कराया? ₹1500 की किस्त खतरे में

Saroj kanwar
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मांझी लड़की बहन योजना: महाराष्ट्र की 24.3 करोड़ से अधिक लड़की बहन महिलाओं के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आप भी मुख्यमंत्री मांझी लड़की बहन योजना की लाभार्थी हैं और बिना किसी रुकावट के 1500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्राप्त करना चाहती हैं, तो इस प्रक्रिया को तुरंत पूरा करें। सरकार ने योजना के लाभ प्राप्त करते रहने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है और इसके लिए समय तेजी से बीत रहा है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने अपने नवीनतम संदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि मुख्यमंत्री मांझी लड़की बहन योजना के तहत निरंतर लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी पात्र महिलाओं के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना अत्यंत आवश्यक है। सरकार ने 31 दिसंबर, 2025 की समय सीमा निर्धारित की है, यानी चार दिनों से भी कम समय बचा है।

मंत्री ने योजना से जुड़ी सभी महिलाओं से अपील की है कि वे भविष्य में किस्तों में देरी या लाभ रोके जाने जैसी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द अपनी पहचान का सत्यापन (ई-केवाईसी) पूरा कर लें। सरकार का स्पष्ट संदेश यह है कि समय पर ई-केवाईसी पूरा न करने से योजना के तहत मासिक भुगतान प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
ऐसी स्थिति में, यदि आप या आपके परिवार की कोई महिला इस योजना की लाभार्थी हैं, तो विलंब न करें और आज ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें, ताकि हर महीने मिलने वाले 1500 रुपये बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आते रहें।

माझी लड़की बहन योजना क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना शुरू की। तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में 28 जून, 2024 को स्वीकृत इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। अब तक 16 किश्तें जारी की जा चुकी हैं।

योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री की मांझी लड़की बहन योजना का उद्देश्य राज्य में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना, परिवार और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को मजबूत करना और पात्र महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करना है। सरकार का मानना ​​है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी।

सरकारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि पात्र महिलाएं जो अनाथ हैं, जिनके पिता जीवित नहीं हैं, जिनके पति का निधन हो चुका है, या जो तलाकशुदा हैं, उन्हें अपना ई-केवाईसी पूरा करना होगा। इसके बाद उन्हें अपने पिता या पति के आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र, तलाक प्रमाण पत्र या माननीय न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 31 दिसंबर, 2025 तक जमा करनी होगी।

गलतियों को सुधारने का अंतिम अवसर
जिन महिला लाभार्थियों ने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है लेकिन विकल्प चुनते समय गलती कर दी है, उन्हें भी राहत दी गई है। ऐसी महिलाएं वेब पोर्टल पर दोबारा जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं और 31 दिसंबर, 2025 तक अपनी गलतियों को सुधार सकती हैं। यह सुधार का अंतिम अवसर होगा और लाभार्थियों को स्वयं पोर्टल पर लॉग इन करना होगा।

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