बठिंडा बीकानेर के बीच सिंगल लाइन होने के कारण पैसेंजर ट्रेनों व मालगाड़ियों को होने वाली देरी से अब निजात मिलने वाली है।
इंडियन रेलवे ने बीकानेर से बठिंडा के बीच 324 किलोमीटर लंबाई के रेल मार्ग को दोहरीकरण योजना को मंजूरी दे दी है । इसका सबसे अधिक लाभ सूरतगढ़ तापीय परियोजना में प्रतिदिन आने वाले एक दर्जन कोयला माल गाड़ियों अन्य गुड्स ट्रेनों को मिलेगा। उनको अब ट्रैक क्लियर होने के इंतजार में घंटे तक रुकना नहीं पड़ेगा।
अगर हम पैसेंजर ट्रेनों की बात करें तो अब पैसेंजर ट्रेनों के संचालन में भी तेजी बनेगी।
साथ ही नई रेलगाड़ियां के संचालन में भी सिंगल ट्रैक की रुकावट दूर होगी। लगभग 324 किलोमीटर सेअधिक रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण परियोजना पर लगभग 4500 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। रेलवे बोर्ड ने यह कार्य रेलवे की गति शक्ति यूनिट को सौंपा है। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण के आदेश भी जारी कर दिए हैं।