राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब आपको कितना गेहूं और चावल मिलेगा, जानिए!

Saroj kanwar
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राशन कार्ड अपडेट: सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी जिलों में अनाज वितरण के मानक में बदलाव किया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य चावल की कालाबाजारी पर अंकुश लगाना और स्थानीय खपत के अनुसार राशन वितरण सुनिश्चित करना है। नई प्रणाली फरवरी से लागू होगी। जिला आपूर्ति अधिकारियों ने इस संबंध में सभी राशन डीलरों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
वितरण प्रणाली में बदलाव क्यों आवश्यक था?

पिछले कुछ समय से जिले में राशन चावल की अवैध खरीद-बिक्री और भंडारण के कई मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि बड़ी संख्या में राशन कार्डधारक अपना हिस्सा चावल बेच देते हैं। इसका कारण यह है कि इस क्षेत्र में चावल की खपत गेहूं की खपत से कम है। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए बिचौलिए और व्यापारी चावल को कम दामों पर खरीदकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचते हैं। चावल को साइकिल और ई-रिक्शा के जरिए इकट्ठा करके व्यापारियों तक पहुंचाया जाता है, जिससे काला बाजार फलता-फूलता है।

नई प्रणाली फरवरी से लागू की जाएगी।
इस व्यावहारिक समस्या को समझते हुए, सरकार ने क्षेत्रीय खान-पान की आदतों के अनुसार राशन वितरित करने का निर्णय लिया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा 14 जनवरी को एक आदेश जारी किया गया। इस आदेश के तहत, आगरा, अलीगढ़, मेरठ और सहारनपुर मंडलों में प्रति इकाई राशन की मात्रा में बदलाव किया जाएगा। पहले जहां प्रति इकाई दो किलोग्राम गेहूं और तीन किलोग्राम चावल दिए जाते थे, अब तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल दिए जाएंगे।

अंत्योदय कार्डधारकों के लिए राशन

नई प्रणाली का असर अंत्योदय कार्डधारकों पर भी पड़ेगा। अब उन्हें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल के बजाय 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल मिलेंगे। सरकार का मानना ​​है कि इससे चावल की अनावश्यक बिक्री रुकेगी और राशन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।

राशन डीलरों को सख्त निर्देश

जिला आपूर्ति अधिकारियों ने सभी राशन दुकानदारों को फरवरी से नए मानकों के अनुसार अनाज वितरित करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव से राशन वितरण प्रणाली अधिक संतुलित और पारदर्शी बनेगी।

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