राजपाल यादव को मिल रहा है जबरदस्त समर्थन – कुल धनराशि, सेलिब्रिटी का समर्थन और रिलीज से जुड़ी नवीनतम जानकारी यहां देखें

Saroj kanwar
5 Min Read

राजपाल यादव विवाद – फिल्मों में अपनी शानदार कॉमेडी के लिए मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में राहत देने से इनकार किए जाने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा। आत्मसमर्पण से पहले राजपाल यादव का एक भावुक बयान सामने आया, जिसके बाद फिल्म और राजनीतिक जगत की कई हस्तियों ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया।

किस-किस ने अपनी सहायता की घोषणा की?
राजपाल यादव की कानूनी लड़ाई में उनका समर्थन करने के लिए कई नाम सामने आए हैं:

राव इंदरजीत सिंह ने जेम ट्यून्स परिवार की ओर से 1.11 करोड़ रुपये की कानूनी सहायता की घोषणा की है।
जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) प्रमुख तेज प्रताप यादव ने ₹11 लाख देने का वादा किया।

केआरके (कमाल आर खान) ने ₹10 लाख की पेशकश की।

अभिनेता गुरमीत चौधरी और सोनू सूद ने भी अपना समर्थन दिया है, हालांकि राशि का खुलासा नहीं किया गया है। अब तक लगभग 1.32 करोड़ रुपये की सार्वजनिक घोषणा की गई है।

राजपाल यादव पर कितना कर्ज है?

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के आदेश में कहा गया है कि अक्टूबर 2025 में रजिस्ट्रार जनरल के पास 75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए गए थे। इसके बावजूद, लगभग 9 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।

उन्हें जेल से कब रिहा किया जा सकता है?

राव इंद्रजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने राजपाल यादव के छोटे भाई से बात की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 14 फरवरी तक आवश्यक राशि जमा नहीं की जाती है, तो वे स्वयं शेष राशि जमा करने का प्रयास करेंगे ताकि महाशिवरात्रि तक उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो सके। हालांकि, अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।

पूरा मामला क्या है? (टाइमलाइन)

राजपाल यादव की कानूनी परेशानियां नई नहीं हैं; ये 2010 में शुरू हुई थीं।
2010

राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म “आता पता लपेटा” के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और उन्हें ऋण चुकाने में कठिनाई हुई। इसके बाद, उनके कई चेक बाउंस हो गए, जिसके चलते उन्होंने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत अदालत में मुकदमा दायर किया।

2018

एक मजिस्ट्रेट अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी पाया और उन्हें छह महीने की कैद की सजा सुनाई।

2019

सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद दंपति ने दिल्ली उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की।

2024

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए सजा निलंबित कर दी कि वे पेशेवर अपराधी नहीं हैं। इस राहत को समय-समय पर बढ़ाया गया।

दिसंबर 2025

राजपाल यादव के वकील ने अदालत को सूचित किया कि 40 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट तैयार हैं और शेष राशि जनवरी 2026 तक जमा कर दी जाएगी।

4 फरवरी 2026

दिल्ली उच्च न्यायालय ने निलंबन की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया और उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे तक जेल अधीक्षक के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।

5 फरवरी 2026

अदालत ने अपना आदेश रद्द करने से भी इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि आदेश का पालन न करना कानून के प्रति गंभीरता की कमी दर्शाता है।
आगे क्या होगा?

राजपाल यादव की रिहाई अब बकाया राशि के भुगतान और अदालत के अगले आदेश पर निर्भर करती है। फिलहाल, फिल्म उद्योग और राजनीति के समर्थन से यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया है।

अस्वीकरण

यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और समाचार एजेंसियों पर आधारित है। कानूनी मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित अदालत का होता है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *