रक्षाबंधन विधान में सवा लाख श्रीफल समर्पित, आचार्यश्री का अभिषेक हुआ

Saroj kanwar
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Bina News: खुरई में रक्षाबंधन पर्व को आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज और आचार्य गुरुवर समय सागर महाराज के शिष्य मुनि निष्कम्प सागर महाराज के सान्निध्य में धूमधाम से मनाया गया। प्राचीन जैन मंदिर के पास आचार्यश्री विद्या समय सभागार में वात्सल्य दिवस के रूप में यह आयोजन हुआ।

समारोह की शुरुआत श्रीजी के अभिषेक शांति धारा से हुई, जिसमें सभी श्रावकों ने भाग लिया। अभिषेक का सौभाग्य अरुण चौधरी अत्रा और राजकुमार जैन प्रिंस परिवार को प्राप्त हुआ। इसके बाद श्रेयांसनाथ भगवान की पूजा भी की गई।

रक्षाबंधन विधान का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आचार्यश्री के चित्र का अनावरण प्रदीप, राहुल, और रितेश चौधरी परिवार ने किया। विधान के दौरान मुनिराजों के मुखारविंद से अर्घ्य के मंत्रों का उच्चारण हुआ।

श्रावक श्रेष्ठि परिवारों ने 700 मुनि राजों की रक्षा के लिए सवा लाख श्रीफल समर्पित किए। ये श्रीफल देशभर में विचरण कर रहे मुनिराजों की सुरक्षा और उन्नति का प्रतीक माने जाएंगे।

विधान के बाद मुनि श्रोताओं को धर्मसभा में संबोधित किया। उपसर्ग विजेता मुनिराजों की झांकी भी सजाई गई। कार्यक्रम का संचालन संगीतकार मनोज जैन रोड़ा, राहुल जैन बड्डे और अमित जैन रिंकू ने किया।

जैन परंपरा में रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म और साधु-संतों की रक्षा की भावना से जुड़ा है। इतिहास में विष्णु कुमार मुनिराज ने मुनि पद त्याग कर संकट का निवारण किया था।

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