बिहार विधानसभा चुनाव 2025 – बिहार चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों और नेताओं में अब कड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। एनडीए और महागठबंधन मतदाताओं को लुभाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा में लगे हुए हैं। एनडीए भी विभिन्न विकास योजनाओं और पहलों के ज़रिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहा है। महागठबंधन भी मतदाताओं से लोकलुभावन वादे करने में पीछे नहीं है।
दूसरी ओर, इस बार भाजपा भी मुस्लिम वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अगर भाजपा मुस्लिम मतदाताओं को बांटने में कामयाब हो जाती है, तो इसका सीधा नुकसान महागठबंधन को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की महिलाएं पूरे बिहार में घूमकर लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करेंगी। इसके अलावा, मुस्लिम महिलाएं मोदी सरकार के एजेंडे और योजनाओं को अपने समुदाय तक घर-घर पहुँचाने का काम करेंगी।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ी महिलाएं
वाराणसी के बजरडीहा क्षेत्र की ये मुस्लिम महिलाएं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ी हैं। ये महिलाएं अब बिहार चुनाव लड़ रही हैं। 25-25 महिलाओं के चार-पाँच समूह बनाए गए हैं। ये पश्चिम बिहार के विभिन्न गाँवों और कस्बों में जाकर सरकार की नीतियों का बखान करेंगी और मुस्लिम समुदाय के बीच वोट की अपील करेंगी।
इस दौरान, वे लोगों को बताएंगी कि कैसे भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और सुरक्षा को मज़बूत कर रही है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की इन मुस्लिम सदस्यों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में महिलाओं को भाजपा सरकार के कार्यकाल में काफ़ी लाभ मिले हैं। उनका कहना है कि उन्हें किसी और सरकार में ऐसे लाभ नहीं मिल सकते। इनमें राशन कार्ड, आयुष्मान योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाएँ शामिल हैं।
वोट कब डाले जाएँगे?
जानकारी के लिए बता दें कि बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में चुनाव होंगे। पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 14 नवंबर को होगा। सभी विधानसभा सीटों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएँगे।
पहले चरण के चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल ज़ोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जनसुराज पार्टी, सभी सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं। नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री हैं।